चार दिन पहले आशुतोष अपनी बहन के गांव पहुंचा और बेटे अपने पास रखने की बात कहकर अपनी मां और पुत्र को गांव ले आया। आशुतोष की मां विमला देवी ने बताया कि सोमवार की दोपहर करीब एक बजे पुत्र अपरबल ने पिता से खाना मांगा जिससे वह गुस्सा हो गया और उसे दो मंजिल घर के छत पर ले जाकर नीचे फेंक दिया। इससे बच्चे को काफी चोटें आईं। आसपास के ग्रामीण बच्चे को पास के निजी चिकित्सालय में ले गए। डॉक्टर अभी इलाज कर ही रहे थे कि आशुतोष वहां पहुंच गया कहा कि मेरा बेटा है मैं ही इलाज कराऊंगा।
यह कहकर उसने बेटे को उठाया और पैदल ही इनायतपुर माइनर पकड़कर डेढ़ावल की ओर चल दिया। गांव के बाहर निकलते ही उसने नहर के किनारे स्थित कुएं में बेटे को लेकर छलांग लगा दिया। सिवान में काम कर रहे ग्रामीणों ने देख लिया और शोर मचाने लगे। मौके पर सीओ रघुराज, सकलडीहा कोतवाल राजीव सिंह टीम के साथ पहुंच गए।
गोताखोर और अग्निशमन विभाग की टीम भी पहुंच गई और तलाश शुरू की। तलाश के बाद आशुतोष का शव बरामद हो गया। बेटे अपरबल की तलाश की जा रही है। वहीं देर रात तक पुत्र का शव नहीं मिला। अंधेरे की वजह से हो रही कठिनाई से पुलिस अगले दिन तलाश की बात कहकर चली गई। वहीं आशुतोष के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मां विमला का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्या कहती है पुलिस
आशुतोष मानसिक रूप से परेशान था और नशे का भी आदी हो गया था। किसी बात से नाराज होकर उसने बेटे संग कुंए में छलांग लगा दी। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -रघुराज, क्षेत्राधिकारी, सकलडीहा