फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाद के लिए किसान परेशान, समितियों से गायब हुई यूरिया संशेधित

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। जिले के अधिकांश सहकारी समितियों से इन दिनों खाद गायब है जबकि बारिश के बाद किसानों में यूरिया की मांग बढ़ी है। खाद आने की सूचना पर किसानों की भीड़ उमड़ जा रही है। खाद के लिए कई केंद्रों पर किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हो रही है। इसके बाद भी कई केंद्रों पर खाद न मिलने से किसानों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। गेहूं के पीक सीजन में खाद न मिलने से किसानों में नाराजगी है।
विज्ञापन

इन दिनों मौसम दलहनी व तिलहनी फसलों के लिए अनुकूल बना हुआ है। बारिश से फसलों को पर्याप्त पानी मिल जाने के बाद अब किसान खाद डालने को बेचैन हैं पर उन्हें सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं मिल रही है। खाद आने की सूचना फैलते ही समितियों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ एकत्र हो जा रही। इस दौरान किसानों में खाद लेने के लिए धक्का-मुक्की भी हो रही है। वहीं कई समितियों से उन्हें बिना खाद लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं निजी दुकानों के दुकानदार किसानों की विवशता का पूरा फायदा उठा रहे हैं। वे यूरिया के साथ सल्फर व जिंक भी किसानों को जबरन बेच रहे हैं। जिंक व सल्फर न लेने वाले किसानों को खाद के निजी दुकानदार यूरिया देने से मना कर दे रहे हैं। ऐसे में गरीब किसानों के सामने यूरिया के लिए सहकारी समितियों का चक्कर काटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
धीना। साधन सहकारी समिति डिग्घी धीना पर इस समय यूरिया नहीं है जबकि किसानों को खाद की अति आवश्यकता है। कभी-कभी दो या तीन सौ बोरी खाद आती है जो देखते ही देखते किसानों में बंट जाती है। इससे किसान परेशान हैं। सचिव नवीन सिंह ने बताया कि चार-पांच दिन बाद खाद आ जाएगी। एक सप्ताह से स्टॉक में खाद नहीं है। संवाद
विज्ञापन

नियामताबाद। गेहूं की खेती का पीक सीजन चलने के बाद भी क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों से यूरिया गायब है। साधन सहकारी समिति पचोखर पर कई दिनों से यूरिया नहीं है। बरसात के बाद किसानों को यूरिया की सख्त जरूरत है। ऐसे में किसान महंगे दाम पर यूरिया खरीदने को विवश हैं। उन्हें निजी दुकानों पर एक बोरी यूरिया के साथ दो किलो सल्फर या जिंक अनिवार्य रूप से लेना पड़ रहा है। संवाद
ताराजीवनपुर। क्षेत्र के साधन सहकारी समिति डिग्घी, धूसखास व संघति पर एक पखवारे से यूरिया नहीं है। अधिकारी किसानों को बार-बार एक-दो दिन में खाद आने का आश्वासन दे रहे हैं। इसका फायदा खाद के प्राइवेट दुकानदार उठा रहे हैं। वे किसानों को ऊंचे दाम पर खाद बेच रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश है। उन्होंने जिला प्रशसन से सभी समितियों पर तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।संवाद
धानापुर। क्षेत्र के सहकारी समितियों पर खाद की किल्लत से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वे प्राईवेट दुकानों से खाद खरीदने को विवश हैं। किसानों का आरोप है कि धानापुर मे कब खाद आती है और कब बंटती है, इसका किसानों को पता नहीं चल पाता है। निजी दुकानदार 350 रुपये में एक बोरी यूरिया दे रहे हैं। साथ ही 90 रुपये का एक पाउडर का पैकेट भी जबरन दे रहे हैं। संवाद
जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद है। जहां खाद खत्म होने की शिकायत मिलती है, वहां भेजा जा रहा है। सभी किसानों को खाद मिलेगी। खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। -अजय कुमार मौर्य, निबंधक सहकारिता, चंदौली
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें