भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में किसानों ने गुरुवार को आपदा राहत चेक समेत विभिन्न मांगों को लेकर चहनियां-मारूफपुर मार्ग पर दोपहर में जाम लगा किया। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अमित कुमार द्विवेदी के समझाने बुझाने पर किसान शांत हुए और जाम समाप्त किया।
किसानों का कहना रहा कि फसल बर्बादी के करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी किसानों को आपदा राहत चेक का वितरण नहीं किया गया है। वहीं सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की साफ-सफाई और खुदाई नहीं कराई जा रही है। इससे किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सिंचाई के अभाव में फसल सूख रही हैं। नियमित तौर पर बिजली आपूर्ति भी नहीं की जा रही है। किसानों को धान की नर्सरी डालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाकियू के मंडल अध्यक्ष संजय कुमार पांडेय ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की समस्या को लेकर बेपरवाह हैं। किसानों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। कहा कि आपदा राहत चेक न मिलने की वजह से किसानों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रभुनारायण सिंह लल्ला ने कहा कि किसान अन्नदाता है। किसान मेहनत कर खेत में जो अनाज उगाता है उसी अनाज से देशवासियों का पेट भरता है। जब तक किसान भूखा रहेगा तब तक देश का विकास असंभव है। कहा कि सरकार के उपेक्षात्मक रवैये के चलते किसानों की हालत दयनीय बनी हुई है। इस दौरान रामअवध कवि, बिरजू यादव, बाबूलाल यादव, जगदीश यादव, दिनेश, चंद्रदेव, ममता देवी, आशा, चंपा, बबलू, शशि यादव आदि शामिल रहे।