पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के पीछे 12 बिस्वा जमीन का पुराना विवाद मुख्य कारण था। करीब चार वर्ष पहले शशिकांत मिश्रा के पिता रामप्यारे मिश्रा का निधन हो गया था। इसके बाद शशिकांत और उसकी मां चंद्रकला मिश्रा के बीच पारिवारिक संबंध बिगड़ गए और दोनों अलग-अलग रहने लगे।
शशिकांत मिश्रा हाईकोर्ट में अधिवक्ता है और वर्तमान में प्रयागराज में रहता है। इसी बीच वर्ष 2023 में चंद्रकला मिश्रा ने छह बिस्वा जमीन तेजबली चौहान और शेष छह बिस्वा जमीन उसके चचेरे भाई जगवेंद्र कुमार के नाम रजिस्ट्री कर दी। जमीन बिक्री की जानकारी होने पर शशिकांत मिश्रा ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई और गांव के ही पिंटू चौहान को जमीन की निगरानी के लिए तैनात कर दिया।
आपत्ति के बावजूद तेजबली चौहान उक्त जमीन पर जुताई-बोआई करता रहा। इसे लेकर दोनों पक्षों में कई बार विवाद हो चुका था। पुलिस के अनुसार इसी रंजिश के चलते रविवार की शाम तेजबली यादव को गोली मारी गई।
थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि इलाज के दौरान घायल तेजबली यादव ने बयान दिया है कि घटना के समय हमलावर की गाड़ी में पिंटू चौहान मौजूद था और उसी के इशारे पर शशिकांत मिश्रा ने उस पर गोली चलाई। मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि फरार पिंटू चौहान की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। बताया कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।