इसी दौरान एक किसान संगठन का तथाकथित मंडल प्रवक्ता वहां पहुंचा और अपने लिस्ट के अनुसार अपने लोगों में 666 बोरी यूरिया वितरित करा दिया। इससे सुबह से नंबर लगाकर खाद का इंतजार कर रहे जलालपुर के 50 और सुढना के 25 किसानों को एक बोरी भी खाद नहीं मिल पाई।
इसे लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। खाद न मिलने और वितरण में भेदभाव से नाराज किसानों ने समिति के सचिव व किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद किसानों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खोला तो तथाकथित मंडल प्रवक्ता वहां से भाग निकला।
किसानों के शोर मचाने पर पुलिस ने फिर से दरवाजा बंद कर दिया और सूचना एआर कोऑपरेटिव श्रीप्रकाश उपाध्याय दी। करीब पांच घंटे बाद वे रात 10 बजे मौके पर पहुंचे और पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया। किसानों ने 666 बोरी खाद कितने और कहां के किसानों को दी गई है, इसकी जांच कराए जाने और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
समिति पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। - श्रीप्रकाश उपाध्याय, एआर कोऑपरेटिव, चंदौली।