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मरृयाद पूरी होने के बाद भी नहीं बदले गए जर्जर तार व खंभे

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पीडीडीयू नगर। बिजली विभाग की ओर से जनपद के 544 गांवों व मजरों में बिजली के जर्जर तारों व खंभों को बदलने का कार्य जुलाई वर्ष 2021 में आरंभ किया गया था। योजना के तहत छह माह में कार्य पूरा कर लिया जाना था। इसके लिए सर्वे का कार्य तो लगभग पूरा कर लिया गया है पर तारों व खंभों को बदलने की गति अति धीमी है। इससे गर्मी के दिनों में जर्जर तारों के टूटने के कारण ग्रामीणों को मुश्किल से छह से सात घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
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योजना के तहत जिले के सभी नौ ब्लॉक के ऐसे गांवों को किया गया है जिनकी आबादी एक हजार या उससे अधिक है। विभाग ने गांवों का चयन करने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पिछले वर्ष जून माह में पूरी कर ली थी। इसके बाद कार्यदाई संस्थाओं ने सर्वे का कार्य आरंभ किया था। तारों व खंभों को बदलने का कार्य जुलाई माह में बरहनी ब्लॉक से आरंभ किया गया पर अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। वहीं नियामताबाद ब्लॉक के भी कुछ गांवों का सर्वे करने के बाद जर्जर तारों व खंभों को बदलने का कार्य आरंभ हुआ जो फिलहाल बंद है। अन्य ब्लाकों में तो अभी सर्वे का कार्य भी पूरा नहीं किया गया है और जर्जर तारों के टूटने का क्रम जारी है जिससे लोगों को छह से सात घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
कोट.........
भीषण पड़ रही गर्मी को देखते हुए जर्जर बिजली के तारों व खंभों को बदलने का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है। तारों व खंभों को बदलने के लिए आपूर्ति बंद करनी पड़ती है जिससे गर्मी में लोगों को परेशानी होगी। गर्मी का प्रकोप कम होते ही कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा।
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विजयराज सिंह, अधीक्षण अभियंता
ताराजीवनपुर। अलीनगर वार्ड नंबर नौ में चकिया रोड से होकर आदर्श नगर वार्ड नंबर नौ मुगलचक को जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगे ट्रांसफार्मर के पास का तार जर्जर हो गया है। हवा के हल्के झोंकों में भी तार अक्सर टूट जाता है। जर्जर तारों की वजह से लो वोल्टेज की समस्या भी बनी रहती है। तारों को बदलने के लिए वार्डवासी कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति आंखें मूंदे पड़े हैं। सभासद प्रतिनिधि शिव शंकर शर्मा सहित वार्ड निवासी डॉ. एके सिंह, प्रशांत कुमार, शशि तिवारी, आरके चौधरी, सूरज, अमरजीत, मिट्ठू, प्रभात यादव, छोटू यादव, सुरेंद्र पाल, राहुल, प्रकाश, महेंद्र लारा आदि ने आक्रोश व्यक्त करते हुए चेताया है कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
पीडीडीयू नगर। इन दिनों पड़ रही उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन का तापमान 45 डिग्री के पार चला जा रहा है। वहीं दिन के साथ रात में हो रही बिजली कटौती ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। बीते शुक्रवार से शनिवार की रात तक दर्जनों बार बिजली कटौती होती रही। इस दौरान एलटी व हाई टेंशन तार टूटने से कई बार आपूर्ति बाधित हुई। फेस संख्या दो के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। एलटी केबल जलने के कारण फेस से जुड़े करीब 250 घरों की बिजली आपूर्ति शुक्रवार की रात 11 बजे से शनिवार की शाम सात बजे तक करीब 14 घंटे बाधित रही। इससे इन घरों के लोग गर्मी में बिलबिला उठे।
फीडर संख्या दो से जुड़े जायसवाल स्कूल के करीब शुक्रवार की रात 11 बजे के करीब एलटी केबल जल गया। सूचना मिलने पर बिजली विभाग के कर्मचारी तारों को दुरुस्त करने पहुंचे लेकिन स्टोर में तार व अन्य उपकरण मौजूद नहीं होने के कारण जले तारों को बदला नहीं जा सका। अगले दिन भी स्टोर से तार व उपकरण आने में शाम के चार बज गए। इसके बाद कर्मियों ने जले तारों की मरम्मत कर शाम के सात बजे आपूर्ति बहाल की। तारों के जलने से पटेल नगर 40 फीट रोड, जायसवाल स्कूल, पराहूपुर, कैथापुर सहित अन्य इलाकों के करीब 250 घरों की आपूर्ति ठप रही। बिजली न रहने से लोगों को पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा। इन्वर्टर की बैटरी समाप्त हो जाने के कारण कुछ लोगों ने किराए पर जनरेटर भी मंगवा लिए थे। वहीं गरीब तबके के अधिकांश लोगों को रात जागकर काटनी पड़ी।
पीडीडीयू नगर। चंदासी स्थित विद्युत उपखंड तक बिजली पहुंचाने के लिए लगे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार करीब 50 वर्ष पुराने होकर कमजोर हो चुके हैं। गर्मी में लोड बढ़ने व हीटिंग के कारण ये जर्जर तार टूट जाते हैं जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रविनगर स्थित काली मंदिर के समीप एक पखवारे के भीतर दो बाद तेज चिंगारी निकलने के साथ तार टूटकर गिर चुके हैं। गनीमत यह है कि दोनों बार तार रात के 11 बजे के बाद टूटे जिससे किसी प्रकार की कोई दुर्घटना नहीं हुई। लोगों का कहना है कि सुबह या शाम को किसी दिन ये तार टूटे तो बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। अधिक ऊंचाई पर लगे होने के कारण इन टूटे हाईटेंशन तारों की मरम्मत में कम से कम दो सेढ़ाई घंटे लग जाते हैं। इससे लोगों के रात की नींद हराम हो जा रही है। स्थिति को भली भांति जानते हुए भी विभाग तारों को बदलने के प्रति उदासीन बना हुआ है।
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