पीडीडीयू नगर। डेडिकेटेड रेल फ्रेट कारिडोर योजना के तहत पं. दीनदयाल उपाध्याय गया रेल रूट पर मालगाड़ियों के लिए बिछाई गई अलग रेल लाइन पर बुधवार को गंजख्वाजा से बिहार के चिरैला पौथु तक इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ा। रेलवे ट्रैक के ट्रायल में 12 हजार हार्स पावर के इंजन डब्ल्यूएजी-12 को 50 की स्पीड में चलाया गया। इसके तहत ट्रैक पर आने वाली खामियों को देखा गया। इसमें सब कुछ ओके मिला। इससे अब इस नए ट्रैक पर मालगाड़ियों के चलाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके पूर्व बुधवार की सुबह डीएफसीसी के अधिकारियों की मौजूदगी में पूजा अर्चना के बाद स्टेशन अधीक्षक ने हरी झंडी को दिखाकर इंजन को आगे के लिए रवाना किया।
वर्तमान रेलवे ट्रैक से मालगाड़ियों को अलग करने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर योजना की शुरूआत की गई। पूर्वी कॉरिडोर के तहत पश्चिम बंगाल के दानकुनी से पंजाब के लुधियाना के तहत अलग लाइन बिछाई जा रही है। इसी क्रम में पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से गया रेल रूट पर गंजख्वाजा से औरंगाबाद बिहार के चिरैला पौथु तक 121 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाने के साथ सिग्नल और अलग स्टेशन बनाने का काम पूरा हो चुका है। बुधवार को इस ट्रैक पर इंजन दौड़ाकर ट्रायल किया गया। सुबह साढ़े दस बजे गंजख्वाजा रेलवे स्टेशन पर डीएफसीसी पूर्वी कॉरिडोर के समन्वय महाप्रबंधक अजीत कुमार मिश्रा ने नारियल फोड़कर पूजा की। इसके बाद गंजख्वाजा स्टेशन अधीक्षक एनके सिंह ने हरी झंडी दिखाकर इंजन को रवाना किया। इंजन पर डीएफसीसी टेक्निकल टीम भी सवार रही। इंजन ने पांच घंटे में 121 किमी की दूरी तय की। ट्रायल में कोई खामी नहीं मिली। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही इस नए ट्रैक पर मालगाड़ियों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। ट्रायल के दौरान परियोजना प्रबंधक इंजीनियरिंग राकेश बाबू, उप परियोजना प्रबंधक यातायात राजेश कुमार प्रसाद, उप परियोजना प्रबंधक इंजीनियरिंग सुमित कुमार, परियोजना प्रबंधक विद्युत एसके पाल शामिल रहे।