चकिया। स्थानीय चिकित्सालय में सोमवार की सुबह भर्ती महिला की हालत देर शाम बिगड़ने पर चिकित्सकों ने परिजनों को वाराणसी ले जाने की सलाह दी। इस बीच पुलिस सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू को लेकर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंच गई और अस्पताल में बाहर और अंदर आने जाने पर रोक लगा दी। इस दौरान परिजन भी बाहर रह गए। इस बीच स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के डोडापुर माफी गांव निवासी चंपा देवी (51) की इलाज के अभाव में जिला संयुक्त चिकित्सालय में मौत हो गई।
महिला के पुत्र विजय कुमार का आरोप है कि पुलिस ने अस्पताल में जाने से रोक दिया तब तक उसकी मौत हो गई। पुलिस समय से अंदर जाने देती तो संभावना थी उसकी मां बच सकती थी। उसने बताया कि सोमवार की सुबह सीने और हाथ पैर में दर्द होने पर चिकित्सालय में भर्ती कराए थे। सपा के पूर्व विधायक के मेडिकल के बाद पुलिस इमरजेंसी में जाने की बात कर रही थी। इस बीच महिला की मौत हो गई। मरीज का इलाज चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ सत्येंद्र सिंह द्वारा किया जा रहा था। परिवारजनों का आरोप था कि चिकित्सक शाम 6 बजे मरीज की हालत चिंताजनक बताते हुए वाराणसी ले जाने की सलाह दी। मरीज की हालत चिंताजनक पाकर परिजन ले जाने के लिए तैयार हुए। तब तक पुलिसकर्मियों ने चिकित्सालय के इमरजेंसी द्वार पर घेराबंदी कर दी थी। उसके पुत्र विजय ने मोबाइल से परिवार जनो को इसकी जानकारी देते हुए एंबुलेंस 108 नंबर की सेवा पर कॉल किया। लेकिन इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक के पास जाने पर लगी रोक से वह कुछ नहीं कर सका। और कुछ देर बाद बीमार बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। चिकित्सालय पहुंचे अन्य परिवार के सदस्यों का का रो रो कर बुरा हाल हो गया। परिजनों का आरोप रहा कि समुचित इलाज के अभाव में चंपा देवी की मौत हो गई। सीओ केपी सिंह का कहना था कि ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। पूर्व विधायक की सुरक्षा की दृष्टि से कुछ देर के लिए प्रवेश के लिए लोगों को रोका गया था।