प्राथमिक विद्यालय में हो रहा निजी निर्माण कार्य।
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बच्चे कहां पढ़ेंगे ये निश्चित नहीं है। कभी गलियारे में तो कभी कमरे के कोने में बच्चों को बैठाकर नाम की पढ़ाई करा दी जाती है। प्राथमिक विद्यालय में दो कमरे, एक ऑफिस और गलियारा हैं। दोनों कमरों में प्रधानाध्यापक, एक शिक्षामित्र और उनका परिवार काफी दिनों से रह रहा है। कमरे में घरेलू सामान बिखरे हुए थे। सुबह 11.30 जब अमर उजाला की टीम विद्यालय पहुंची तो छात्र बाहर घूमते हुए मिले। विद्यालय की फर्श टूटी हुई थी। दीवारों का रंग उड़ चुका था। प्राथमिक विद्यालय औरवाटांड़ के चारदिवारी के अंदर विद्यालय के जमीन पर ही प्रधानाध्यापक द्वारा निजी आवास बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुजी अब इसी में रहना चाहते हैं।
यह काफी गंभीर मामला है। इस पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही विद्यालय को कब्जामुक्त कराया जाएगा और विद्यालय में बन रहे भवन को गिराया जाएगा। - अवधेश नारायण सिंह, एबीएसए