बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘यास’ का असर पूर्वांचल के अन्य जनपदों के साथ चंदौली में भी संभावित है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यास चक्रवाती तूफ़ान के 26 मई को ओडिसा के समुद्र तट पर धरती से ठकराने की संभावना है। इसके असर से जनपद में गरज-चमक के साथ 26 से 29 मई के बीच मध्यम से भारी बारिश होने के साथ आंधी-तूफान आ सकता है। यह जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डा. एसपी सिंह ने मंगलवार को दी है। उन्होंने 26 से 29 मई तक लोगों को सावधान रहने को कहा हे।
बताया कि 26 मई को हल्की से मध्यम व 27 से 29 मई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही आंधी आ सकती है और तूफान भी चल सकता है। बुधवार से आसमान पर बादल छाए रहने का अनुमान है। यास के कारण तापमान में भी परिवर्तन हो सकता है। बताया कि अधिकतम तापमान 36 से 38 व न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच पहुंच जाएगा। वहीं आर्द्रता के 86 से 92 के मध्य रहने की संभावना है। सामान्य से लेकर तेज गति से ज्यादातर पूर्व दिशा की ओर हवा चलने की संभावना है।
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के कृषि मौसम वैज्ञानिक कृष्ण मुरारी पांडेय ने मौसम में होने वाले परिवर्तन को देखते हुए सब्जियों के फसलों में जल निकास की समुचित उपाय करने की सलाह दी है। कहा कि सब्जियों में या खड़ी फसलों में सिंचाई व रसायनों का छिड़काव रोक लें और गेहूं के भूसे को तिरपाल आदि से ढकें या सुरक्षित जगह रख दें। मंडियों या खेत-खलिहान में रखे अनाज को भी इसी प्रकार सुरक्षित कर लें। पशुपालकों को सलाह देते हुए कहा कि पशुओं को बारिश व तेज हवा से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर बांधे। अंत में कहा कि गरज-चमक व बारिश के समय बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।