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Chandauli News: ट्राॅमा सेंटर के निर्माण की धीमी गति पर डीएम नाराज, कार्यदायी संस्था को नोटिस

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नियामताबाद/बबुरी। महेवा में निर्माणाधीन ट्राॅमा सेंटर के निरीक्षण के दौरान निर्माण की गति धीमी मिलने पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान जब उन्हें यह पता चला कि 90 फीसदी भुगतान होने के बाद भी कार्य अधूरा है और धीमी गति से चल रहा है तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही कार्यदायी संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगने का निर्देश दिया। उन्होंने प्लास्टर की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया और मौके से रॉ मैटेरियल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजवा दिया।
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जिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को जिले में चल रही विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण कर उसकी गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को आगाह किया कि मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से काम कराएं। अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने पहले पुरानी बाजार सदर में बन रहे आवासीय भवन का निरीक्षण किया। इसके पश्चात वे गंज बसनी स्थित निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र, महेवा स्थित ट्राॅमा सेंटर, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित फायर स्टेशन, बबुरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और स्थायी गोशाला बबुरी का निरीक्षण किया। फायर सर्विस स्टेशन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की धीमी गति पर चिंता जताई और अधिकारियों को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही गैरेज के सामने ही मुख्य द्वार बनाने का भी निर्देश दिया। ताकि फायरब्रिगेड की गाड़ियों की आवाजाही सुगम तरीके से हो सके। बबुरी में निर्माणाधीन सीएचसी के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य लगभग पूरा मिला। उन्होंने कार्यदायी संस्था को कमियों को जल्दी दूर कर संबंधित विभाग को हैंडओवर करने के निर्देश दिया। सीएमओ को उन्होंने निर्देशित किया गया कि डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की उपस्थिति ठीक कराएं। उन्होंने परिसर की बाउंड्री के किनारे पौधरोपण कराने के लिए भी कहा। स्थायी गोशाला बबुरी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पशुओं के लिए चारा, पानी, भूसे की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने वहां सफाई और हरे चारे की समुचित व्यवस्था करने के लिए कहा। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, ग्राम प्रधान और सचिव को निर्देशित किया कि पशुओं की देखरेख में कोई कोताही न हो। इस दौरान सीएमओ डॉ. वाई के राय, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नागेंद्र यादव और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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