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गोड़, खरवार का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र न बनने से रोष

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चकिया। पंचायत चुनावों का विगुल बजने के साथ ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर अन्य जातियों के साथ ही गोड़, खरवार जाति के लोग भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है। लेकिन स्थानीय प्रशासन गोड़, खरवार जाति का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनाने में आनाकानी कर रहा है। जिससे दोनों समाज के लोगो में भारी आक्रोश व्याप्त है। अखिल भारतीय गोड़ आदिवासी संघ के जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी से मिलकर जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश जारी करने की अपील की।
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राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा गोड़ तथा खरवार जातियों का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनाने के लिए 1359 फसली की खतौनी देने को अनिवार्य कर दिया है। जिन भूमिहीन लोगों के पास खतौनी उपलब्ध नहीं है, उनकी जाति निर्धारित करने के लिए टीसी, कुटुम्ब रजिस्टर की नकल जिसमें जाति का स्पष्ट उल्लेख हो भी मान्य किया गया है। लेकिन कई स्थानों पर स्थानीय प्रशासन द्वारा गोड़, खरवार जाति का प्रमाण पत्र नही बनाया जा रहा है। वहीं महिलाओं का जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए महिला के पिता या दादा के खतौनी में 1359 फसली में जाति दर्ज होना अनिवार्य किया गया है या महिला के पिता का जाति प्रमाण पत्र पहले से बना हो। इन आदेशों के बावजूद जाति प्रमाण पत्र बनाने में हीलाहवाली की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय गोड़ आदिवासी संघ के जिला अध्यक्ष रामदुलारे गोड़ ने जिलाधिकारी संजीव सिंह से मुलाकात कर गोड़ एवं खरवार जाति को नियमानुसार तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश देने की मांग की। जिस पर जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया।
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