जिला स्वच्छता समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केन्द्र सभागार में स्वच्छता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रथम चरण में जनपद के 21 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त बनाने की दिशा में की जा रही पहल पर चर्चा की गई।
इस मौके डीएम कुमार प्रशांत ने कहा कि खुले में शौच मुक्त की दिशा में अग्रसर ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत सहित ग्राम प्रधान, सचिव ग्राम पंचायत, सफाई कर्मी, नेहरू युवा केन्द्र के कार्यकर्ता, ग्राम में गठित निगरानी समिति के सदस्य एवं गैर सरकारी संस्था के सदस्यों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बताया कि किस प्रकार से गांव में बच्चों, पुरूषों एवं महिलाओं का अलग-अलग गठन करके लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
खुले में शौच करने वालों को गांधीवादी तरीके से बच्चों द्वारा सीटी बजाकर एवं टोका-टाकी करते हुए शौचालय का प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया जाने का प्रयास हो रहा है। साथ ही शौचालय निर्माण के लिए भी ग्रामीणों को जागरूक करना होगा। सीएलटीएस विधि में ग्राम का मानचित्रीकरण करना, शर्म यात्रा निकालना, गौरव यात्रा निकालना अयादि विधाओं पर चर्चा की गयी। डीएम ने निर्देश दिया कि गठित टीमें ग्रामों में जाकर अधिक से अधिक लोगों के व्यवहार परिवर्तन हेतु जागरूक करें तथा निगरानी समिति सुबह और शाम को खुले में शौच करने वालों की निगरानी करें और लोगों को व्यवहार परिवर्तन के बारें में जागरूक करें। डीपीआरओ गोविंद शरन श्रीवास्तव ने कहा कि कहा कि वरियता क्रम में गंगा किनारे के ग्रामों, कुपोषण के तहत गोद लिये गये ग्रामों एवं चयनित समग्र ग्रामों को ओडीएफ करने की कार्यवाही भी की जा रही है।