जिला शिक्षा परियोजना समिति की बैठक गुरुवार को मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में हुई। इसमें जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने सर्व शिक्षा अभियान को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मंत्रणा की। उन्होंने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक ब्लाक संसाधन केन्द्र पर स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय को माडल स्कूल के रूप में विकसित करें, जहां पर शौचालय, पेयजल, प्रकाश, कंप्यूटर, नेट की सुविधाएं उपलब्ध हो।
इस दौरान डीएम ने बीएसए पीसी यादव को निर्देश दिया कि सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत जनपद के सभी ब्लाक संसाधन केन्द्रों की रिमाडलिंग और सुदृढ़ीकरण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करें। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण कैलेंडर बनाये जाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जिस एसएमसी के खाते में धनराशि अवशेष है, उसका शत प्रतिशत भुगतान 31 मार्च तक कर लिया जाय। साथ ही यह जानें कि किस विकास खंड के किस विद्यालय में धनराशि अब तक अवशेष पड़ी है। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया। नियामताबाद और बरहनी में चहारदीवारी बनाने, बरहनी में कस्तूरबा गांधी विद्यालय के गड्ढे को जल्द से जल्द पाटने का आदेश दिया। डीएम ने विकलांग बच्चों के आपरेशन कराये जाने पर जोर दिया।
सीडीओ एमपी सिंह को निर्देश दिया कि अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, जल निगम, अपर मुख्य अधिकारी और सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी की टीम गठित करें जो मौके पर जाकर कार्य कराये जाने का सुझाव दे सके। स्वास्थ्य परीक्षण नियमित कराये जाने पर जोर दिया। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत 18429.94 लाख का प्रस्तावित बजट अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया।