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ट्रक के चपेट में आने से युवक की मौत, लगाया जाम

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शहाबगंज के तियरा निवासी भोनू की मौत के बाद सड़क जाम करते ग्रामीण। - फोटो : CHANDAULI
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शहाबगंज। स्थानीय थाना अंतर्गत चकिया-चंदौली मार्ग पर तियरा गांव के समीप रविवार की सुबह तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से गांव निवासी भोनू राम (38) की मौत हो गई। युवक को धक्का मारने के बाद खाद लादकर चंदौली की तरफ जा रहा ट्रक भी कुछ दूरी पर जाने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के बाद मौका पाकर चालक वहां से फरार हो गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने मार्ग पर जाम लगा दिया। लगभग तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे चकिया एसडीएम सिपू गिरी ने मृतक के परिवार वालों को मुुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया।
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तियरा गांव निवासी भोनू राम (38) पुत्र स्वर्गीय सदिका मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था। रविवार की सुबह साढ़े छह बजे वह गांव से बाहर निकला था। सड़क पर एक आढ़त के बाहर अनाज लदा ट्रैक्टर के समीप वह सड़क पार कर रहा था तभी चकिया की तरफ से खाद लादकर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक चालक ने ट्रैक्टर को ओवरटेक करने के चक्कर में अनियंत्रित हो गया और भोनू को कुचलते हुए कुछ दूर जाकर पलट गया। चीख सुनकर जब तक लोग जुटते ट्रक चालक किसी तरह बाहर निकल कर भाग गया। ट्रक से कुचलने से भोनू की मौके पर मौत हो चुकी थी। इस घटना से गांव में कोहराम मच गया। मृतक के परिवार वालों को मुआवजा देने की मांग करते हुए सड़क पर बॉस बल्ली लगाकर ग्रामीणों ने चकिया चंदौली मार्ग जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण शांत नहीं हुए। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए चकिया, इलिया और बबुरी थाने की फोर्स बुला ली गई। सुबह करीब सवा दस बजे मौके पर पहुंचे चकिया एसडीएम सीपू गिरी ने मृतक के परिजनों को भूमि और आवास देने के साथ आर्थिक मुआवजा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और तब जाकर जाम समाप्त किया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया।
शहाबगंज। तियरा गांव निवासी भोनू राम मेहनत मजदूरी कर पत्नी और छह बच्चों का पेट पालता था। दस वर्ष पहले पिता और कुछ वर्ष पहले माता की मौत हो चुकी है। इसके बाद से पत्नी बिंदू देवी, चार बेटियां और दो बेटों के साथ वह रहता था। भोनू की मौत के बाद परिवार के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भोनू की मौत की खबर मिलते ही पत्नी बिंदू बदहवाश हो गई, वहीं बेटियों का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। छोटे मासूम बेटों को यह भी नहीं पता कि अब उनके पिता इस दुनिया में नहीं रहे। बिंदू और बेटियों को दिलासा दिलाने आई महिलाओं के कलेजे भी मुंह को आ रहे थे। सबकी जुबां पर यही था कि अब बेटियों के हाथ पीले कौन करेगा और बेटों को कौन पालेगा। एसडीएम सिपू गिरी ने आश्वासन दिया कि भूमि पट्टा करने के साथ आवास, बच्चों की शादी के लिए सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही अधिक से अधिक आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
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