पीडीडीयू नगर। मरम्मत के अभाव में नगर की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। हाल यह है कि सड़क पर इतने खतरनाक गड्ढे हो चुके हैं कि जो कभी भी जानेलवा साबित हो सकते हैं। धन की कमी का रोना रो रहे नगर के जनप्रतिनिधि और अधिकारी गड्ढों को किसी प्रकार पाटकर अपनी कमी छिपाने की जुगत में लगे हुए है। नगर में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है।
नगर पालिका क्षेत्र में छोटी बड़ी गलियों और सड़कों को मिलाकर लगभग 250 किलोमीटर लंबा सड़कों का जाल बिछा है। लगभग चार वर्षों के भीतर कुछ ही क्षेत्रों में सड़कों को निर्माण कराया गया है। इसके अलावा अधिकतर सड़कें मरम्मत के अभाव में पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ गैस और निजी टेलिकॉम कंपनी द्वार भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के चक्कर में जगह-जगह गड्ढे खोद दिये गये है। पहले से ही जर्जर मार्गों पर खोदे गये गड्ढे जानलेवा बन गये है। सड़कों के निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी तक शासन से धन नहीं मिलने की बात कह रहे है। मजबूूूरी और दुर्व्यवस्था के बीच आमजन जानलेवा गड्ढो से होकर गुजरने को विवश है।
पीडीडीयू नगर। नगर में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर आमजन में काफी नाराजगी है। नगरवासी पालिका जनप्रतिनिधियों की कार्य प्रणाली को लेकर सवाल खड़े करने लगे है। लोगों का कहना है कि वर्तमान में सड़कों की स्थिति ऐसी है कि मानों कभी विकास हुआ ही न हो। लखमीपुर निवासी उपेंद्र यादव ने कहा कि वार्डों में सड़कों का बहुत बुरा हाल है। जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं। लाठ नंबर दो निवासी शिवकुमार जायसवाल ने कहा कि चार वर्षों के भीतर नगर में सड़कों की मरम्मत नहीं होने से स्थिति और अधिक खराब हो गई है। कसाब महाल निवासी मो. आफताब ने कहा कि क्षेत्र में खराब सड़कों के आये दिन लोग गिरकर चोटिल हो जाते है। कई बार ठेला व रिक्शा पलट भी चुका है। नईबस्ती निवासी रामजनम ने कहा कि वर्तमान में सड़कों की स्थिति की जितनी अधिक खराब है इसके पहले कभी भी नगर में सड़कों का ऐसा हाल नहीं हुआ था।
सड़क के गड्ढो को पाटने के लिए 15वें वित्त से चालीस लाख रुपये का टेंडर कराया गया है जल्द ही कार्य गड्ढो का को पाटने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - संतोष खरवार, चेयरमैन, नगर पालिका पीडीडीयू नगर