मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत जिले में चल रही योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत औषधीय फसलों की खेती करने वाले किसानों को सरकार अनुदान देगी। योजना के अनुसार दो हेक्टेयर में औषधीय फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 60 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार कई योजनाएं चला रही है। इसी दिशा में सरकार औषधीय फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सब्सिडी दे रही है। औषधीय फसलों की खेती से किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। राज्य सरकार सफेद मूसली, सतावरी, अश्वगंधा, तुलसी और मुलेठी जैसे पौधों पर सब्सिडी दे रही है। इन औषधीय उत्पादों की मांग न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है। सरकार किसानों को औषधीय खेती अपनाने पर सब्सिडी, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन देती है। इससे किसानों का जोखिम कम होता है और उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
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कम लागत में किसानों को होगा ज्यादा फायदा
आयुर्वेदिक उत्पाद, हर्बल दवाइयां और प्राकृतिक स्वास्थ्य सामग्री बेहद लोकप्रिय हो रही हैं। बड़ी कंपनियां इन फसलों की खरीददारी कर रही हैं। इन फसलों के लिए कम पानी और कम खाद-कीटनाशक की जरूरत होती है। इससे लागत घटती है और बाजार में कीमत अच्छी मिलती है। इसका फायदा किसानों को मिलता है।
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सरल प्रक्रिया से मिलेगा अनुदान
औषधीय फसलों की खेती करने वाले किसानों को उद्यान विभाग के निर्देशों का पालन करना होगा। आवेदन करते समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधित दस्तावेज और मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ेगी। सरकार किसानों को आकर्षक सब्सिडी दे रही है। इसकी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी है।
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- इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग से संपर्क करना होगा। यहां अधिकारी किसान की भूमि के अनुसार मार्गदर्शन करेंगे और फॉर्म भरवाएंगे। आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसानों को खेती के लिए तकनीकी सुझाव दिए जाएंगे। शर्तें पूरी होने पर सब्सिडी किसानों के खाते में भेज दी जाएगी। - डॉ. शैलेंद्र देव दूबे, जिला उद्यान अधिकारी।