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Chandauli News: यूजीसी नियम के विरोध और पक्ष में अधिवक्ताओं ने निकाले जुलूस

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कलेक्ट्रेट में यूजीसी बिल के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते अ​धिवक्ता। स्रोत:-जागरूक पाठक
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चकिया के अधिवक्ता दो धड़ों में बंटे, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
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संवाद न्यूज एजेंसी
चकिया। यूजीसी के नए नियम पर चकिया में अधिवक्ता बंट गए हैं। बुधवार को बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं और संघर्ष समिति चकिया बार एसोसिएशन ने जुलूस निकालकर नए नियम का विरोध किया। वहीं, बार एसोसिशन के पूर्व अध्यक्ष ब्रजराज सिंह के नेतृत्व में दूसरे धड़े ने नए नियम के पक्ष में जुलूस निकाला और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं और संघर्ष समिति चकिया अध्यक्ष प्रदीप नारायण सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने यूजीसी बिल कचहरी परिसर से नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। तहसील परिसर में पहुंच कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम विनय कुमार मिश्र को सौंपा। पत्रक के माध्यम से बताया कि भारत सरकार की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 2026 को लागू की है। यह भारत में निवास करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों छात्राओं के भविष्य के खिलाफ काला कानून है। इसे तत्काल वापस लिया जाना अत्यंत जरूरी है। इस दौरान सचिव रविंद्र कुमार पाठक, बार अध्यक्ष बृजेश सिंह, महामंत्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, अजय तिवारी, संतोष कुमार श्रीवास्तव, स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव, शंभूनाथ सिंह, बैजनाथ प्रसाद राय, प्रमोद कुमार सिंह लड्डू आदि रहे। इसके बाद बार एसोसिएशन के ही पूर्व अध्यक्ष ब्रजराज सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के दूसरे धड़े ने यूजीसी बिल के पक्ष में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। अधिवक्ता कचहरी से तहसील पहुंचे और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया की अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, अन्य, अल्पसंख्यक जातियों के छात्र छात्राओं जो विभिन्न विश्वविद्यालय में शिक्षारत हैं, यूजीसी कानून उनके हित में है। इसके लिए इसको हटाना नहीं चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में नारायण दास यादव, विजय यादव, लालचंद सिंह यादव, रामबाबू सोनकर, वशिष्ठ मौर्य, ओंकारनाथ मौर्य आदि रहे।
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कलेक्ट्रेट में यूजीसी बिल के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता। स्रोत:-जागरूक पाठक

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