चकिया(चंदौली)। नगर के वार्ड नं. 7 निर्भयदास में कार्यालय बनाकर पिछले 15 दिनों से गरीबों से पैसा लेकर लोन दिलाने का झांसा देने वाली फाइनेंस कंपनी फरार हो गई। कंपनी के झांसे में आकर ठगे गए ग्रामीणों ने कंपनी के फरार होने पर बंद पड़े कार्यालय के सामने गुरुवार को प्रदर्शन किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मकान मालिक को हिरासत में लेकर कंपनी के मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नगर के वार्ड नं. 7 के निवासी सेवानिवृत्त पशुपालन के विभाग के फर्मासिस्ट पीसी श्रीवास्तव के आवासीय मकान में किराए पर 20 जुलाई को महिला विकास समिति एवं बजाज एलियांग नामक कंपनी के लोगों ने कार्यालय खोला था। कार्यालय खोलने के बाद कंपनी के लोगों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों से 1350, 700, 300 रुपये जमा कराए। रजिस्ट्रेशन की धनराशि के आधार पर क्रमश: एक लाख, 50 हजार तथा 20 हजार रुपये का ऋण देने का प्रलोभन दिया गया। रजिस्ट्रेशन कराए लोगों को 3 अगस्त को ऋण देने के लिए फाइनेंस कंपनी के आफिस पर बुलाया गया। गुरुवार लोग ऋण लेने के लिए कंपनी के आफिस पर पहुंचे तो वहा ताला बंद देख कर उनके होश उड़ गए। आफिस बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने आफिस के सामने प्रदर्शन करते हुए धरना आरंभ कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंचे कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने मकान मालिक को हिरासत में ले लिया तथा उन्हें थाने ले आए। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने मिर्जापुर शहर के तेलियागंज निवासी फाइनेंस कंपनी के मैनेजर मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। ठगे गये लोगों में रघुनाथपुर के 13, हेतिमपुर के 21, हरिपुर बाड़ेपर के 13 तथा मुजफ्फरपुर गांव के 16 लोगो के नाम अब तक सामने आए हैं।