चंदौली। कंदवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गांव में रविवार को हुई गोलीबारी में घायल दो लोगों की जिला चिकित्सालय में मौत के बाद नाराज ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने शवों को हाईवे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण कंदवा एसओ और यूपी100 के सिपाहियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इससे पूर्व शवों को हाईवे पर ले जाने के दौरान पुलिस और ग्रामीणों में झड़प भी हुई। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहती थी जबकि ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़ गए। अंत में सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल ने नाराज लोगों को समझाया और बताया कि कंदवा एसओ को निलंबित कर दिया गया है। लगभग आधे घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। पुलिस ने आनन-फानन में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया।
लक्ष्मनपुर गांव में गली के विवाद में एक पक्ष की ओर से की गई फायरिंग में दूसरे पक्ष के सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले आया गया। जहां चिकित्सकों ने अंगनू सिंह (45) और डेढ़ वर्षीय समर्थ सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं पांच अन्य लोगों को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। घटना से नाराज परिवार के लोग और ग्रामीण शवों को हाईवे पर ले जाने लगे। इस दौरान सदर कोतवाल ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउस ले जाने लगे। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच शवों के लिए छीनाझपटी भी हुई। ग्रामीणों के तेवर देख पुलिस को पीछे हटना पड़ा और लोगों ने दोनों शवों को हाईवे के दोनों तरफ रखकर चक्काजाम कर दिया।