मांगों के समर्थन में भाकपा(माले) ने निकाला जुलूस
कानून व्यवस्था और मजदूरों को भत्ता देने की मांग
सचित्र 52
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदौली। विभिन्न मांगों के समर्थन में भाकपा(माले) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जुलूस निकाला। लोगों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंच एडीएम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित 15 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। चेताया कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन के लोग सड़क पर उतरेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि लॉकडाउन के चलते रोजगार पूरी तरह से ठप हो गया है। मनरेगा के जरिए भी समुचित रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इससे रोजी-रोटी का इंतजाम करना ही भारी पड़ रहा है। जबकि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की ओर से ऋण की धनराशि जमा कराने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है। कंपनियों के एजेंट गांवों में पहुंचकर गरीब लोगों को धमका रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुसार 31 मार्च 2021 तक कर्ज की जबरन वसूली नहीं की जा सकती है। कंपनियों के एजेंट आरबीआइ व शासन की गाइडलाइन का सरासर उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। ताकि गरीबों को राहत मिल सके। कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। खासतौर से गरीबों का उत्पीड़न किया जा रहा है। आए दिन हत्या, लूट, डकैती व दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। इससे गरीब तबका खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। चेताया कि यदि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई व गरीबों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो बेमियादी आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होंगे। इस दौरान अनिल पासवान, प्रमिला मौर्य, श्रवण मौर्य, किस्मत यादव, मुंशी राय, हरिशंकर विश्वकर्मा, रमेश बनवासी, रामदुलार बिंद, मेहंदी हसन, धर्मपाल उपस्थित रहे।