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आधी रात के वक्त गूंज उठे हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की

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जन्माष्टमी पर्व पर माखन खाता बालक। - फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर। आधी रात को घरों में जन्में कन्हाई, महिलाओं ने सोहर गाकर इष्ट देव का स्वागत किया। इसके साथ ही हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की जयकारे लगाए। कोरोना के बीच घरों में मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई जबकि बुधवार को उदया तिथि के अनुुसार मंदिरों, विभिन्न थानों, कोतवाली और पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी सजाई जाएगी।
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कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस वर्ष जन्माष्टमी का त्योहार भी बदला नजर आ रहा है। इस वर्ष सार्वजनिक स्थानों पर जन्मोत्सव मनाने पर रोक लगा दी गई है। बावजूद इसके लोगों में पर्व को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है। मंगलवार को भाद्रपद मास की सप्तमी तिथि रही लेकिन सुबह नौ बजे के बाद अष्टमी तिथि शुरू हो गई। ऐसे में स्मार्त के लिए मंगलवार को जन्माष्टमी मनी। इसकी तैयारी में लोग पिछले तीन चार दिनों से जुटे रहे। विशेष कर युवाओं ने घरों में जन्मोत्सव की झांकी सजाने के लिए मेहनत की थी। सुबह घर के एक कोने को साफ किया। यहां साड़ी, धोती का पंडाल बनाया। इसमें लकड़ी के बुरादे को रंग कर सड़क बनाई, झारझंखाड़, थर्माकोल से ऊंचे ऊंचे भवन, जंगल, पहाड़, मथुरा नगरी, वृंदावन, जेल आदि बनाए। यहां भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति सजाई, पालना सजाया, छोटे छोटे खिलौनों सेआकर्षक झांकी तैयार की। विद्युत झालरों से पूरे पंडाल को सजाया। रात साढ़े 11 बजे चंद्रोदय होने पर पुरोहतों को बुलाकर पूजन अर्चन कराया और आधी रात के वक्त श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। श्रीकृष्ण के जन्म होते ही भक्तों ने थाली बजाकर, शंख बजाकर, आतिशबाजी कर खुशी मनाई। इस दौरान हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की आदि के नारे लगाए।
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