शशिकांत राजभर, पूर्व ब्लाक प्रमुख(फाइल फोटो)
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सकलडीहा। गांव से लेकर लोकसभा तक के चुनाव में किस्मत आजमा चुके पूर्व ब्लॉक प्रमुख व भाजपा नेता शशिकांत राजभर की सोमवार की देर रात वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर उनके परिजनों व शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। बुधवार को वाराणसी के मर्णिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बडे़ पुत्र अरविंद राजभर ने पिता को मुखाग्नि दी।
विकास खंड के दुदौली गांव निवासी स्व नरेश राजभर के दो पुत्रों में शशिकांत बचपन से ही मिलनसार और अपने हंसमुख स्वभाव के कारण लोकप्रिय थे। ग्राम प्रधानी के चुनाव से उन्होंने राजनीति का सफर आरंभ किया। इसके बाद वे लगातार 30 वर्षों तक प्रधान बने रहे। आगे की राजनीति में पहली बार वर्ष 1999 में बसपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े लेकिन वोटों के मामूली अंतर से हार गए। इसके बाद वर्ष 2005 में भाजपा की टिकट पर एकबार फिर लोकसभा का चुनाव लडे़ पर हार का सामना करना पड़ा। फिर वर्ष 2007 में भाजपा के टिकट पर चिरईगांव विधानसभा सीट पर चुनाव लडे़ पर सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2010 में सकलडीहा से निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए। वर्ष 2012 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़े पर जीत दूर ही रही। भाजपा के दिग्गज नेताओं का वरदहस्त होने के कारण शशिकांत सदैव सुर्खियों में रहे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अंत में वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल ले जाते समय 61 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु के बाद पत्नी प्रभावती देवी, पुत्र अरविंद व धर्मराज राजभर सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था।
कैबिनेट मंत्री, विधायक सहित अन्य ने जताया शोक
61 वर्षीय पूर्व ब्लॉक प्रमुख व भाजपा नेता शशिकांत राजभर के मौत की खबर लगते ही भाजपा सहित अन्य दलों के जनप्रतिनिधियों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर,पीडीडीयू विधायक साधना सिंह, सैदराजा विधायक सुशील सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, विधायक प्रतिनिधि अनिल यादव, जिला पंचायत सदस्य चाखन यादव, विजेंद्र यादव, महेंद्र राजभर, ग्राम प्रधान बजरंगी राम, रामअधार गुप्त, सत्यप्रकाश सिंह, अमित सिंह आदि ने शोक संवेदना प्रकट की है।