पीडीडीयूनगर/कंदवा। धान के कटोरे में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और नहरों में टेल तक पानी पहुुंचाने के लिए कर्मनाशा नदी पर चारी और अदसड़ में करोड़ों की लागत से बने पंप कैनाल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं। करीब पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी दोनों परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। दोनों लिफ्ट कैनाल के निर्माण पर 70 करोड़ से ज्यादा रूपए खर्च किए जा चुके हैं। हाल यह है कि अब तक लिफ्ट कैनाल टेस्टिंग में नौ बार फेल हो चुके हैं। इससे टेल के किसानों के लिए बनी योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी है।
धान का कटोरा कहे जाने वाले नरवन परगना के टेल के किसानों की सिंचाई की समस्या दूर करने के सपा के शासनकाल में वर्ष 2016 में 50-50 क्यूसेक की क्षमता से चारी व अदसड़ गांव के पास कर्मनाशा नदी में लिफ्ट कैनाल बना कर सिंचाई का पानी घोसवा और कंदवा गांव के समीप मुख्य नहर में गिराने की योजना बनाई गई थी। करीब पांच वर्ष बाद भी यह सपना अधूरा है। दोनों लिफ्ट कैनाल टेस्टिंग में नौ बार फेल हो चुके हैं। गौरतलब है कि 50 क्यूसेक क्षमता के चारी लिफ्ट कैनाल के निर्माण में करीब 32.77 करोड़ व अदसड़ में भी 50 क्यूसेक क्षमता वाले लिफ्ट कैनाल के निर्माण में लगभग 37.40 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। चारी लिफ्ट कैनाल लिए नाबार्ड से करीब 29 करोड़ 26 लाख और अदसड़ लिफ्ट कैनाल के लिए 33 करोड़ 27 लाख रुपए का ऋण भी प्राप्त है।
वर्ष 2018 में ही चालू होना था लिफ्ट कैनाल
मार्च 2016 में शुरू हुए निर्माण को मार्च 2018 में ही पूर्ण कर कर लिफ्ट कैनाल को चालू कर दिया जाना था लेकिन समय से लिफ्ट कैनाल चालू नहीं हो सका। जब-जब लिफ्ट कैनाल की टेस्टिंग हुई तो अंडर ग्राउंड पाइप बार-बार फट जा रही है जिससे अब तक इन परियोजनाओं का लाभ किसानों को नहीं मिल पाया।
नौ बार टेस्टिंग में फेल हो चुके हैं लिफ्ट कैनाल
चारी व अदसड़ गांव में बने न्यू चारी व अदसड़ लिफ्ट कैनाल नौ बार की टेस्टिंग में फेल हो गए हैं। लिफ्ट कैनाल से पानी छोड़ने पर अंडरग्राउंड पाइप चारी व परसिया और अदसड़ और बसंतपुर गांव के बीच कई जगहों पर फट चुकी हैं। क्षेत्रीय किसानों ने परियोजना में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी और बंदरबांट का आरोप भी लगा रहे हैं। वर्ष 2019 में दो जुलाई को पहली, तीन अगस्त को दूसरी और वर्ष 2020 में 25 जनवरी को तीसरे, 28 फरवरी को चौथे, अप्रैल में पांचवें, मई में छठवें और जुलाई में सातवें व वर्ष 2021 के 15 जनवरी को नौवें टेस्टिंग में भी लिफ्ट कैनाल फेल हो गया है। नौवें टेस्टिंग में भी पाइप फटने पर किसानों का कहना है कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट करने के साथ ही किसानों के हितों के साथ घोर खिलवाड़ किया है।
पांच हजार हेक्टेयर भूमि की होगी सिंचाई
कर्मनाशा नदी पर चारी व अदसड़ में बने लिफ्ट कैनालों के सुचारू रूप से चलने पर क्षेत्र के लगभग पांच हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। इससे लंबे समय से सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और किसानों के लगभग ढाई दशक पुरानी समस्या का समाधान हो जाएगा।
अदसड़ और चारी पंप कैनाल के निर्माण और टेस्टिंग में बार-बार फेल होने की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संजीव सिंह, डीएम चंदौली