किराये पर लिए गए सौ से ज्यादा खाते
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जिले में सौ से अधिक खाते किराये पर लिए गए हैं। इनकी तफ्तीश में पुलिस जुट गई है। शीघ्र ही बड़ी कार्रवाई होगी।
ठगी के लिए अपनाते थे ये हथकंडे
एसपी के अनुसार, गिरोह फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोन दिलाने, ऑनलाइन डिलीवरी पार्सल के भुगतान, फेसबुक विज्ञापन, पार्ट टाइम जॉब और निवेश का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाता था। ठगी की रकम म्यूल खातों में मंगाई जाती थी। जांच में तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की शिकायतों से खातों का संबंध मिला है।
फर्जी आधार कार्ड से छिपाते थे पहचान
एसपी के मुताबिक दोनों आरोपियों के पास से कूटरचित आधार कार्ड भी मिले हैं। नीतीश के पास मिले आधार कार्ड पर उसकी फोटो लगी थी, जबकि नाम और पता किसी अन्य व्यक्ति का दर्ज था। इसी तरह अमन के पास मिले आधार कार्ड पर उसकी फोटो थी, लेकिन उस पर दूसरे व्यक्ति का नाम-पता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए ऐसे फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे।
कई राज्यों में पहुंची ठगी की रकम
नीतीश कुमार के पास से आठ बैंक खाताें के विवरण मिले हैं। कई खातों का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की रकम मंगाने में किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों का संबंध ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, राजस्थान, गुजरात और चंडीगढ़ में दर्ज लोन, डिलीवरी और यूपीआई फ्रॉड की शिकायतों से मिला है। वहीं अमन शर्मा के पास से मिले बैंक दस्तावेजों में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के एक खाते का मिलान एनसीआरपी पोर्टल से किया गया। पुलिस के अनुसार इस खाते का संबंध गाजीपुर, तमिलनाडु और कर्नाटक में दर्ज आठ साइबर फ्रॉड शिकायतों से मिला। इसके अलावा इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते का संबंध भी विभिन्न साइबर शिकायतों में पाया गया।