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Cyber Crime: 16 राज्यों में फैले साइबर ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़, चंदौली में दो आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

Wed, 12 Aug 2026 10:48 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।

सार

Chandauli News: 16 राज्यों में फैले साइबर ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चंदौली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह का एक आरोपी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
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पुलिस के गिरफ्त में दोनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंदौली में साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल कराने वाले गिरोह के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। अलीनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों नीतीश कुमार, अमन शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से मिले बैंक दस्तावेज और एनसीआरपी पोर्टल से मिलान में 17 म्यूल खातों के जरिये 16 राज्यों में साइबर ठगी की 76 शिकायतें सामने आई हैं। इनमें करीब 29 लाख रुपये की ठगी की जानकारी मिली है। गिरोह का एक आरोपी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।

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पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि दोनों आरोपियों बिहार के नवादा निवासी नीतीश कुमार (30) और चंदौली के सकलडीहा कोट निवासी अमन शर्मा (27) को सोमवार की रात वीआईपी गेट पीडीडीयू नगर, डीआरएम कार्यालय के पास से गिरफ्तार किया गया है।

दोनों के कब्जे से तीन स्मार्ट मोबाइल फोन, आठ बैंक खाते का विवरण, पांच पासबुक, एक चेकबुक, छह डेबिट कार्ड, छह सिम कार्ड, दो कूटरचित आधार कार्ड और 650 रुपये बरामद हुए हैं। फरार आरोपी की पहचान सोनू सिंह निवासी बिहार के रूप में हुई है।
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बताया कि नीतीश के पास से मिले दस्तावेजों से 3,97,477 रुपये और अमन के पास से मिले दस्तावेजों से 3,23,248 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बताया कि अमन शर्मा क्षेत्र में घूमकर लोगों को बैंक खाता खुलवाने के लिए तैयार करता था। वह खुद के नाम से भी खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड एकत्र करता था। इसके बाद नीतीश कुमार इन बैंकिंग दस्तावेजों और खातों को बिहार के नवादा निवासी सोनू सिंह तक पहुंचाता था। बताया कि इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने और ट्रांसफर करने में किया जाता था। आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।

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किराये पर लिए गए सौ से ज्यादा खाते
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जिले में सौ से अधिक खाते किराये पर लिए गए हैं। इनकी तफ्तीश में पुलिस जुट गई है। शीघ्र ही बड़ी कार्रवाई होगी। 

ठगी के लिए अपनाते थे ये हथकंडे
एसपी के अनुसार, गिरोह फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोन दिलाने, ऑनलाइन डिलीवरी पार्सल के भुगतान, फेसबुक विज्ञापन, पार्ट टाइम जॉब और निवेश का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाता था। ठगी की रकम म्यूल खातों में मंगाई जाती थी। जांच में तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की शिकायतों से खातों का संबंध मिला है। 

फर्जी आधार कार्ड से छिपाते थे पहचान
एसपी के मुताबिक दोनों आरोपियों के पास से कूटरचित आधार कार्ड भी मिले हैं। नीतीश के पास मिले आधार कार्ड पर उसकी फोटो लगी थी, जबकि नाम और पता किसी अन्य व्यक्ति का दर्ज था। इसी तरह अमन के पास मिले आधार कार्ड पर उसकी फोटो थी, लेकिन उस पर दूसरे व्यक्ति का नाम-पता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए ऐसे फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे।
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कई राज्यों में पहुंची ठगी की रकम
नीतीश कुमार के पास से आठ बैंक खाताें के विवरण मिले हैं। कई खातों का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की रकम मंगाने में किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों का संबंध ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, राजस्थान, गुजरात और चंडीगढ़ में दर्ज लोन, डिलीवरी और यूपीआई फ्रॉड की शिकायतों से मिला है। वहीं अमन शर्मा के पास से मिले बैंक दस्तावेजों में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के एक खाते का मिलान एनसीआरपी पोर्टल से किया गया। पुलिस के अनुसार इस खाते का संबंध गाजीपुर, तमिलनाडु और कर्नाटक में दर्ज आठ साइबर फ्रॉड शिकायतों से मिला। इसके अलावा इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते का संबंध भी विभिन्न साइबर शिकायतों में पाया गया। 
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