नियामताबाद/चकिया। वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर अतिरिक्त कार्यों का बहिष्कार करना लेखपालों को भारी पड़ने लगी है। हड़ताली लेखपालों के प्रति जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। इनके खिलाफ अब निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। पीडीडीयू नगर के एसडीएम कुमार हर्ष ने बृहस्पतिवार को पांच लेखपालों को निलंबित कर दिया। वहीं चकिया में तहसीलदार शैलेंद्र सिंह ने तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया। इसके पूर्व बुधवार को भी जनपद में तैनात पांच लेखपालों को निलंबित कर दिया गया था। प्रशासन की इस कार्रवाई से लेखपालों में हड़कंप मचा है।
निलंबित होने वाले लेखपालों में प्रदेश लेखपाल संघ के मंडल मंत्री शमशेर सिंह यादव, तहसील अध्यक्ष इंद्रप्रकाश मिश्रा, उपाध्यक्ष राकेश सिंह, मंत्री सुशील कुमार व सलमान शामिल हैं। इस संबंध में एसडीएम कुमार हर्ष ने बताया कि अतिरिक्त कार्यों का बहिष्कार करने वाले पांच हड़ताली लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही हड़ताल पर चल रहे अन्य लेखपालों को काम पर लौटने की चेतावनी दी गई है। काम पर नहीं लौटने वाले लेखपालों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं चकिया में तहसील प्रशासन ने लेखपालों के चल रहे हड़ताल के मामले में सख्ती दिखाई है। तहसीलदार शैलेंद्र कुमार सिंह ने सरकारी कार्य अवरुद्ध करने के आरोप में तहसील के तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वाले लेखपालों में लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष संदीप चौबे सहित सुनील पांडेय व शोभित कुमार शामिल हैं। जिला प्रशासन की सख्ती से लेखपालों में आक्रोश है। निलंबन के बाद भी लेखपाल बृहस्पतिवार को धरने पर रहे।