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प्रदूषण की मार, जिले में भी छाई धूंध

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पीडीडीयू नगर। प्रदूषण से महानगर ही नहीं बल्कि धान का कटोरा कहा जाने वाला चंदौली भी अछूता नहीं रहा। सोमवार को पीडीडीयू नगर सहित पूरा जिला धूंध की चादर में लिपटा रहा। दिन में छाई धूंध को देख आम लोग भयभीत रहे। कुछ लोगों ने इससे बचाव के लिए मास्क लगाकर घरों से निकले। जिले में पहली बार स्माग का असर दिखा है।
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दिल्ली- एनसीआर, पंजाब, पंजाब बंगाल, आंध्र प्रदेश, बिहार के साथ वाराणसी में प्रदूषण की मार की खबरें जिले के लोग भी हैरान परेशान हैं। इस बीच सोमवार को दिन में 11 बजे के बाद मौसम में अचानक धूंध छाने लगी। पीडीडीयू नगर में रेलवे स्टेशन, जीटी रोड पर दृष्यता कम रही। सर्वाधिक खराब स्थित चंदासी कोयला मंडी की रही। यहां तो धूंध के बावजूद ठंड का एहसास नहीं रहा। वहीं धूंध में निकलने पर लोगों के आंखों में जलन होने लगी और बेचैनी महसूस हुई। इससे भयभीत लोगों ने बच्चों को बाहर नहीं निकलने दिया। वहीं कुछ लोगों ने प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क लगाकर सड़क पर निकलने में ही भलाई समझी। जिले में एअर क्वालिटी इंडेक्स (वायु गुणवत्ता सूचकांक) मशीन नहीं लगी है। इससे यहां का क्वालिटी इंडेक्स कितना रहा, इसका पता नहीं चला। हालांकि वाराणसी के अर्दली बाजार स्थित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सोमवार की शाम पांच बजे जारी आंकड़े के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 362 पहुंच गया। प्रदूषण प्रदूषण पर काम कर रही संस्था द क्लाइमेट एजेंडा की एकता शेखर ने बताया कि एअर क्वालिटी इंडेक्स सौ के नीचे रहे तभी हवा जीवन के लिए सुरक्षित है। सौ से जितना उपर सूचकांक जाएगा, उतना अधिक खतरनाक है। पीडीडीयू नगर के चंदासी, हरिशंकर आदि इलाके में पूर्व में भी एअर क्वालिटी इंडेक्स 403 तक पहुंच चुका है। सोमवार को पूरे जिले में धूंध छाना खतरे की निशानी है।
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