पीडीडीयू नगर। शारदीय नवरात्र के नजदीक आते ही दुर्गापूजा महोत्सव की तैयारी तेज हो गई है। जिलेभर में पूजा पंडाल बनाने का काम जोर पकड़ता जा रहा है। नगर सहित जिले के अलग-अलग कस्बों व गांवों में आकर्षक पंडालों को विभिन्न स्वरूप दिया जाने लगा है। इस बार पूजा पांडालों में अक्षरधाम मंदिर की झलक देखने को मिलेगी तो पर्यावरण के प्रति लोगों को संदेश भी पंडाल से मिलेगा। पूजानोत्सव के लिए जिला मुख्यालय व पड़ाव सहित नगर में चंदासी कोल मंडी, रविनगर, पटेल नगर, इंडियन इंस्टीट्यूट, लाठ नंबर एक व दो, मानस नगर, न्यू सेंट्रल कालोनी आदि स्थानों पर पंडाल बनाने का काम तेज कर दिया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार इस वर्ष पूरे जनपद में 207 स्थानों पर दूर्गापूजन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए भव्य पंडालों का निर्माण तेजी से चल रहा है। वहीं नगर के मूर्तिकार भी मां दुर्गा सहित अन्य प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। नगर व आसपास के क्षेत्र में पड़ाव, इंडियन इंस्टीट्यूट कालोनी व चंदासी कोल मंडी में पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इन पंडालों के आसपास सप्तमी, अष्टमी व नवमी तिथियों पर मेले व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। पंडालों को बनाने में स्थानीय कलाकारों के साथ कोलकाता व वाराणसी से आए कलाकार तन-मन से जुटे हुए हैं।
पड़ाव चौराहे के समीप ट्रक व ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से वर्ष 1980 से पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष पंडाल को गुजरात के अक्षरधाम मंदिर का स्वरूप दिया जा रहा है। पूजा कमेटी के अध्यक्ष विमल यादव ने बताया कि पंडाल निर्माण के लिए कोलकाता के मशहूर पंडाल निर्माता कानू बाबू व उनके सहयोगी जोर-शोर से जुटे हुए हैं। वहीं चंदासी में बन रहे पूजा पंडाल को इस वर्ष कोलकाता के प्रसिद्ध काली मंदिर का स्वरूप दिया जा रहा है। वहीं न्यू सेंट्रल कालोनी पूजा कमेटी के डा. नीरज ने बताया कि इस वर्ष यहां इको फ्रेंडली पंडाल व मूर्तियों का निर्माण कराया गया है। पूजा के दौरान पंडाल में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित स्लोगन लगाए जाएंगे। इसके अलावा कोलकाता से यूनिक डिजाइनों की आधा दर्जन लाइटें भी मंगाई गई हैं जो पंडाल की शोभा बढ़ाएंगी।
नगर में नई बस्ती व न्यू सेंट्रल कालोनी में मूर्तिकारों की टीम मूर्तियों को अंतिम स्वरूप देने में जुट गई हैं। यहां मूर्तियों का ढांचा लगभग तैयार कर लिया गया है। अब मूर्तिकार मूर्तियों को पूरा करने में लगे हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि इस वर्ष मूर्तियों की कीमत में इजाफा हुआ है। मूर्तियां बनाने के लिए पांच से 50 हजार तक के आर्डर आए हैं।
पीडीडीयू नगर। आदि शिल्पीकार विश्वकर्मा भगवान के 17 सितंबर को होने वाली पूजनोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। जनपद के विभिन्न कल-कारखानों सहित रेलवे के इंजीनियरिंग विभागों में धूमधाम से पूजा का आयोजन किया जाता है। पूजनोत्सव के लिए कारखानों में भव्य पंडाल बनाए गए हैं। वहीं मूर्ति बनाने वाले भी भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।