पीडीडीयू नगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से लगभग चार किलोमीटर दूर गया रेल रूट पर जंक्शन केबीन के पास शनिवार को दिन में दो बजे के करीब ओएचई वायर टूटने से तीन घंटे तक डाउन रेल रूट बाधित हो गया। रूट बाधित होने से डाउन की ओर जाने वाले ट्रेनें जहां तहां खड़ी हो गई। वाराणसी रांची इंटरसिटी दो घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही। टीआरडी (ट्रैक्शन डिस्ट्रिब्यूसन डिपार्टमेंट) की टीम पहुंची और तार जोड़ा। इसके बाद पांच बजे रूट बहाल हुआ और ट्रेनों को आवागमन शुरू हुआ।
जंक्शन केबिन के पास दिन में 13-55 बजे मालगाड़ी गुजरते समय पोल संख्या 670/40 झुक गया और ओएचई वायर टूट गया। इससे डाउन रेल रूट बाधित हो गया। रूट बाधित होने से स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या एक पर शाम 04.31 से 06.31 तक खड़ी रही। रूट बाधित होने की कंट्रोल की सूचना के बाद रेलवे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के टीआरडी टीम मौके पर पहुंची और टूटे तार को जोड़कर पोल को सीधा किया। इसके बाद शाम 04.40 बजे ट्रेनों का आवागमन शुरू हुआ। इस दौरान 12308 जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस डेढ़ घंटे तक जीवनाथपुर में, 13010 दून एक्सप्रेस एक घंटे काशी में, 12334 विभूति एक्सप्रेस मंडुआडीह में एक घंटे, 13006 पंजाब मेल लोहता में एक घंटे खड़ी रही। इसी तरह चंबल एक्सप्रेस मिर्जापुर में 15, 12312 कालका मेल विंध्याचल में 15 मिनट, 13484 फरक्का एक्सप्रेस वाराणसी में 30 मिनट, 13050 अमृतसर शिवपुर में 20 मिनट खड़ी रही। इसी तरह अप की ओर जाने वाली अप में 12742 वास्कोडिगामा एक्सप्रेस एक घंट खड़ी थी कुचमन में, 15624 कामाख्या भगत की कोठी एक्सप्रेस 45 मिनट तक यार्ड में खड़ी रही।
पीडीडीयू नगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पटना जा रही पटना मेमो ट्रेन के इंजन में लगा पेंटो शनिवार की सुबह सकलडीहा रेलवे स्टेशन के समीप टूट गया। इससे ढाई घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। इससे कुछ देर तक पटना रूट बाधित रहा। हालांकि आनन फानन में ट्रेन को लूप लाइन पर ले जाया गया और आवागमन शुरू कराया गया। बाद में पेंटों की मरम्मत के बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय पटना मेमो पैंसेंजर ट्रेन सुबह 5.10 बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। सुबह 5.50 बजे ट्रेन सकलडीहा रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन स्टेशन पर प्रवेश ही कर रही थी कि इंजन का पेंटो टूट गया और ट्रेन रूक गई। इससे डाउन की रूट बाधित हो गई। कंट्रोल को सूचना देने के बाद में चालक ने अन्य इंजनों के सहारे ट्रेन को लूप लाइन पर ले गया। इसके बाद इंजीनियरों की टीम ने पहुंच कर पेंटो ठीक किया और साढ़े आठ बजे ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई।