पीडीडीयू नगर(चंदौली)। रेलवे के मंडल संसदीय समिति की बैठक में क्षेत्र में रेलवे के विकास, यात्री सुविधाओं को बढ़ाने एवं सुझावों को शामिल करने के लिए रेलवे की ओर से वर्ष में एक बार संसदीय समिति की बैठक आयोजित की जाती है। लेकिन सांसदों को इसमें भी शामिल होने का समय नहीं है। गुरुवार को मुगलसराय रेल मंडल की ओर से आयोजित मंडल संसदीय समिति की बैठक में नौ सांसदों में से पांच सांसद ही पहुंच सके। यह जरूर रहा कि इसके अलावा दो सांसदों ने अपने प्रतिनिधि भेज दिए। लेकिन दो सांसदों ने तो बैठक में अपने प्रतिनिधि भी नहीं भेज पाए। पीडीडीयू नगर स्थित मुगलसराय रेल मंडल कार्यालय के सभागार में सुबह 11 बजे से दोपहर बाद दो बजे तक बैठक चली। बैठक में बैठक में सासाराम के सांसद छेदी पासवान, औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह, काराकट सांसद महाबली सिंह, गया के सांसद विजय कुमार एवं सांसद (राज्य सभा) गोपाल नारायण सिंह रहे। जबकि चंदौली के सांसद व कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री भारत सरकार डा. महेंद्र नाथ पांडेय के स्थान उनके प्रतिनिधि अनिल तिवारी व बक्सर सांसद एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री सांसद अश्विनी कुमार चौबे के स्थान पर उनके प्रतिनिधि अभय स्थित मौजूद रहे। इसके अलावा पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम और आरा के सांसद आरके सिंह शामिल नहीं हो सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता सासाराम के सांसद छेदी पासवान ने की। धन्यवाद डीआरएम पंकज सक्सेना ने दिया।
पीडीडीयू नगर। मुग़लसराय रेल मंडल के अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन को देव मंदिर की तर्ज पर विकसित की मांग औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह ने की। इस कार्य को पूरा कराने के लिए उन्होंने अपनी सांसद निधि से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
साल मेें एक बार होती है समिति की बैठकपीडीडीयू नगर। साल में एक बार मंडल संसदीय समिति की बैठक आयोजित होती है। बैठक के माध्यम से सांसद अपने क्षेत्र में रेल के विकास एवं आने वाले स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के सुझाव एवं विचार रखते हैं। सांसदों के प्रतिभाग करने से क्षेत्र के लोगों को भी उम्मीद रहती है कि सांसद के रूप में उनके प्रतिनिधि विकास को गति देंगे।
पीडीडीयू नगर। मुगलसराय रेल मंडल कार्यालय स्थित सभागार में गुरुवार को संसदीय मंडल समिति की आयोजित बैठक में कई मुद्दे उठे। इसमें ट्रेनों के परिचालन में सुधार, यात्री सुविधाओं, विकास कार्यों पर मंथन, नई गाड़ियों के परिचालन, गाड़ियों के मार्ग विस्तार व ठहराव के अलावा सासाराम में राजधानी का ठहराव और समय सुधार करने की मांग सदस्यों ने रखी। इस दौरान रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले संसदीय क्षेत्रों के नौ सांसदों में से पांच सांसद व दो प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। सभी सदस्यों ने ट्रेनों की लगातार हो रही लेट लतीफी में सुधार लाने का मुद्दा जोरशोर से उठाया। कहा कि रेलवे के काफी प्रयास बाद भी ट्रेनों के परिचालन में सुधार नहीं हो पा रही है।
रेलवे के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों से उनके विचार एवं सुझाव लेने के लिए रेलवे मंडल संसदीय समिति गठित है। वर्ष में एक बार मंडल संसदीय समिति की बैठक रेल मंडल स्तर होती है। इसमें सांसदों की ओर से आए विचार के आधार पर रेलवे यात्री सुविधाओं को बढ़ाती है। इतनी महत्वपूर्ण बैठक की अवहेलना करने से भी जनप्रतिनिधि बाज नहीं आते हैं। पिछले साल भी सिंतबर 2018 में आयोजित बैठक में सांसद के रूप में डॉ. पांडेय शामिल नहीं हो पाए थे। चंदौली सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ महेंडनाथ पांडेय लगातार दूसरी बार मंडल संसदीय समिति की बैठक में नहीं आए। उनकी जगह पर उनके प्रतिनिधि अनिल तिवारी उपस्थित थे।