चकिया। काशी वन्य जीव प्रभाग के चकिया रेंज के चकिया-नौगढ़ मार्ग पर लेड़हा बीट के गोड़टूटवा गांव के पास अज्ञात वाहन के चपेट में आने से बुधवार की रात एक मादा भालू की मौत हो गई। गुरुवार को सूचना मिलने पर चकिया रेंज के वनकर्मी भालू के शव को कब्जे में कर वनचौकी ले आए। यहां तीन पशु चिकित्सकों के पैनल ने भालू का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद भालू का शव चकिया रेंज के परिसर में जला दिया गया।
काशी वन्य जीव प्रभाग के चंद्रप्रभा वन्य जीव बिहार सहित तमाम वन क्षेत्र में बहुतायत की संख्या में भालू निवास करते हैं। बुधवार की देर रात एक मादा भालू सड़क के रास्ते जंगल की ओर जा रही थी। इसी दौरान वह नौगढ़ की ओर से आ रहे किसी वाहन की चपेट में आ गई। वाहन के धक्के से भालू के सिर में गंभीर चोटें आ गईं। इससे भालू की मौके पर ही मौत हो गई। भालू के मौत की सूचना से काशी वन्य जीव प्रभाग में हड़कंप मच गया। रेंजर अकबाल बहादुर सिंह व चंद्रप्रभा रेंजर बृजेश पांडेय वनकर्मियों को लेकर मौके पर पहुंचे व भालू के शव को कब्जे में कर चकिया रेंज कार्यालय ले आए। यहां चकिया पशुचिकित्साधिकारी डा. आरपी भारती, शहाबगंज पशु चिकित्साधिकारी डा. सुजीत कुमार सिंह और नौगढ़ के पशु चिकित्साधिकारी डा. पंकज कुमार के पैनल ने भालू का पोस्टमार्टम किया। उसके उपरांत चकिया रेंज में भालू को जलाकर उसका दाह संस्कार कर दिया गया। इस संबंध में उप प्रभागीय वनाधिकारी धर्मेंद्रनाथ सिंह ने बताया कि मृतक भालू की उम्र लगभग चार वर्ष की रही होगी। भालुओं के संरक्षण के लिए शीघ्र उचित कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर वन दरोगा आनंद दूबे, हरिशंकर मिश्रा, वनरक्षक सियाराम, नगीना, देवेंद्र कुमार, यशवंत सिंह मौजूद थे।