डॉक्टर से इलाज करने को कहा और गंभीर स्थिति बताई तो उन्होंने बाहर से 600 रुपये का इंजेक्शन मंगाकर लगा दिया। पूरी रात भाई स्ट्रेचर पर ही रहा, गंभीर स्थिति होने के बाद भी केवल क्लूकोज की बोतलें लटकाकर इलाज के नाम पर खानापूर्ति हुई। वहां मौजूद नर्सों ने इसके लिए भी 200 रुपये ले लिए।
कहा कि बुधवार की दोपहर 11 बजे तक भी जब कोई इलाज नहीं शुरू हुआ तो सपा के पूर्व विधायक मनोज डब्लू को फोन कर अपनी व्यथा सुनाई। वे 12 बजे के करीब अस्पताल पहुंचे और सीएमएस को फोन कर बात किया। उनके बात करने के बाद भाई का इलाज शुरू हुआ। उसका एक्सरे और ड्रेसिंग किया गया।
जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण चंदौली की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो चुकी हैं। फोन कर कहने के बाद भी सुअर के हमले से गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज नहीं शुरू हुआ। दोपहर में जब मौके पर आए तो 14 घंटे बाद इलाज शुरू हुआ। -मनोज सिंह डब्लू, पूर्व विधायक
क्या बोले अधिकारी
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में घायल युवक का प्राथमिक उपचार करने के बाद भर्ती कर लिया गया। चिकित्सा के परामर्श पर उसका सिर्फ एक्स-रे करना बाकी था। जो सुबह कराया गया और घायल का उपचार चल रहा है। -डॉ. सत्य प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल चंदौली