भदोही। विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) ने कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया था। परिषद की अधिशासी निदेशक डाॅ. स्मिता नागरकोटी ने सोमवार को प्रशासनिक समिति भंग कर दी और सूची को सीईपीसी वेबसाइट से भी हटा दी।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के मौजूदा प्रशासनिक समिति का चुनाव 10 सितंबर 2021 हुआ था। इसको लेकर चुनाव में प्रत्याशी रहे संजय कुमार गुप्ता ने धांधली के आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी। पहले उच्च न्यायालय दिल्ली, फिर डीसीएच कार्यालय में महीनों चले सुनवाई के बाद बीते 15 फरवरी को डीसी (एच) अमृत राज ने 10 सितंबर 2021 के चुनाव को निरस्त और अमान्य घोषित कर नए सिरे से चुनाव कराने के लिए परिषद को निर्देशित किया था, लेकिन भारतटेक्स के आयोजन से फैसले पर अब तक अमल नहीं हो सका था।
सोमवार को कालीन नगरी में यह खबर चर्चा का विषय बन गई कि प्रशासनिक समिति की समूची टीम की सूची सीईपीसी वेबसाइट से हटा ली गई है। इस बावत पूछे जाने पर अधिशासी निदेशक ने बताया कि डीसी(एच) के 15 फरवरी के फैसले के दृष्टिगत यह कार्रवाई की गई है। बताया कि मौजूदा समय में सीईपीसी में कोई समिति नहीं है। कहा कि इस बारे में डीसी (एच) से दिशानिर्देश मांगे गए हैं। जिसकी प्रतीक्षा है। जैसे ही कोई निर्देश मिलेगा, उसका पालन किया जाएगा। उधर कार्रवाई होने के बाद से कालीन परिक्षेत्र में यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। शीघ्र ही लोग चुनाव की उम्मीद लगा रहे हैं, लेकिन इसकी घोषणा भी सीईपीसी को ही करनी है।