Chandauli News: सीबीआई भोपाल उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। पिछले दिनों उनके घर पर नोटिस चस्पा किया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। सर्विलांस की मदद से मोबाइल लोकेशन के आधार पर सीबीआई टीम ने नौगढ़ सीएचसी से उन्हें दबोच लिया।
मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले में की जांच कर रही सीबीआई की टीम तीसरी बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ पहुंची। टीम ने डॉ. सुनील कुमार को ओपीडी में मरीजों को देखते समय गिरफ्तार कर लिया। इसके पहले भी सीबीआई यहां के दो चिकित्सकों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी।
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बताया जा रहा कि अदालत ने दो दिन की ट्रॉजिंट रिमांड देकर बुधवार को शाम तक अपर सत्र न्यायाधीश भोपाल की अदालत में नौगढ़ सीएचसी के डॉ. सुनील सिंह को पेश करने का आदेश दिया था। इसके बाद सीबीआई की टीम ने अस्पताल से आरोपी चिकित्सक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है।
यहां से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सीबीआई टीम भोपाल के लिए रवाना हो गई। आरोपी चिकित्सक मूल रूप से जौनपुर जिले के उर्रा गांव का निवासी है।
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गिरफ्तार किए गए डॉ. सुनील कुमार पर आरोप है कि सैफई से एमबीबीएस उत्तीर्ण करने के बाद भी वह पीएमपी-2012 में शामिल हुए इंदौर स्थित केंद्र में परीक्षा देकर महिला अभ्यर्थी को नकल कराई थी। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों ने इनका भी नाम लिया था।
मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले में वांछित चिकित्सक डॉ. सुनील को पकड़ने के लिए सीबीआई की टीम मरीज बनकर अस्पताल पहुंची थी। पहले उन्होंने चिकित्सक के मोबाइल पर कॉल किया और काफी दिनों से पेट में तकलीफ बताई।
डॉ. सुनील ने ओपीडी के कमरा नंबर 2 में आकर दिखाने को कहा। कुछ देर बाद ओपीडी में तीन-चार लोग पहुंचे। उनमें से एक सदस्य ने बताया कि मेरे पेट में सूजन है और दर्द रहता है। आप हमारे कमरे में चलकर चेकअप करिए, जो फीस होगी, हम देंगे।
सीबीआई की टीम ने कमरे पर दिखाने के लिए चिकित्सक को राजी कर लिया और उन्हें अपने साथ ले गई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अवधेश पटेल ने गोलमोल जवाब देते हुए बताया कि डॉ. सुनील कुमार मंगलवार को ओपीडी में आए थे। इसके बाद से उनका पता नहीं है। बिना छुट्टी के वह गायब हैं और उनका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है।