चंदौली जिला प्रशासन के सख्ती के बाद भी पराली जलाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को जिले के 37 किसानों पर पराली जलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं राजस्व कर्मियों ने एक लाख से अधिक का जुर्माना लगाया। निगरानी में लापरवाही के चलते एक लेखपाल को सदर एसडीएम ने निलंबित कर दिया। इसके अलावा दो लेखपालों और कृषि विभाग के दस प्राविधिक सहायकों पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
कृषि विभाग के अफसरों के द्वारा दावा किया जा रहा है कि पराली जलाने की निगरानी सेटेलाइट के माध्यम से हो रही है। बुधवार को सदर और सकलडीहा तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पराली जलाने के कुल 61 मामले संज्ञान में आए। इसमें राजस्व कर्मियों ने संबंधित थानों में पराली जलाने के आरोप में किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक लाख से अधिक का जुर्माना लगाया।
एसडीएम सदर विजय नारायन सिंह ने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एक लेखपाल को निलंबित करने के साथ दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की। वहीं कृषि उपनिदेशक राजीव कुमार भारती ने धानापुर, सकलडीहा, सदर और बरहनी विकास खंड में तैनात दस प्राविधिक सहायकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई किया है। कहा कि धान की फसल कंबाइन हार्वेस्टर से कटवाने के दौरान सुपर एसएमएस, हैपीसीडर, पैडी स्ट्रारीपर का प्रयोग करें। पराली जलाने से पर्यावरण दूषित हो रहा है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।