पीडीडीयू नगर। इंडियन रेलवे एंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष पासवान ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के रेलवे सहित देश की राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में देने के बयान पर नाराजगी व्यक्त की है। कहा कि रेलवे को बेचने के किसी भी प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया जाएगा।
संतोष पासवान ने कहा कि देश के बुनियादी ढांचे को कर्मचारियों और देश के लोगों ने कड़ी मेहनत और करोड़ो रुपये खर्च कर विकसित किया है। अब इसे बेचने की तैयारी है। यह एक तरह से देश में कंपनी राज खड़ा करने जैसा है। रेलवे की परिसंपत्तियों को मुद्रीकरण कर देशी-विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हाथों में सौंपा जाता है तो इससे यात्री किराए एवं माल भाड़े की दरों में बेतहाशा वृद्धि होगी। खेल- स्टेडियमों के निजीकरण से खेल प्रतिभाओं का विकास रुक जाएगा। कहा कि नेशनल मूवमेंट टू सेव रेलवे के तहत रेलवे की सभी यूनियनों, एसोसिएशनों का संयुक्त मोर्चा बना लिया गया है। सरकार की राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना के खिलाफ देश भर के मजदूरों, किसानों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, विद्यार्थियों एवं महिलाओं को लामबंद कर बड़ा संघर्ष किया जाएगा।