सरकार के निर्देश पर एक तरफ जहां स्वास्थ्यकर्मी खुद की जान की परवाह किए बगैर लगातार कोरोना जांच व टीकाकरण में जुटे हुए हैं वहीं बरहनी विकासखंड के कुछ गांवों में टीका को लेकर लोगों में भ्रांति व भय का माहौल है। शनिवार को पीएचसी बरहनी और अतिरिक्त पीएचसी सैयदराजा सहित आधा दर्जन जगहों पर टीकाकरण की व्यवस्था की गई थी जिसमें पांच जगहों पर टीका लगवाने लोग पहुंचे ही नहीं। इससे टीम के सदस्यों को शाम चार बजे के बाद वापस लौटना पड़ा।
कोरोना के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जब कंजेहरा, पई और तलासपुर में पहुंची तो ग्रामीणों ने टीका लगवाने में रुचि नहीं ली। स्वास्थ्यकर्मियों के काफी समझाने और अनुनय-विनय करने के बाद भी जब टीका लगवाने के लिए काई तैयार नहीं हुआ तो सुबह से गई दोनों टीमें शाम साढ़े चार बजे वापस लौट ग्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रईं। वहीं कंदवा गांव में मात्र 20 लोगों ने टीका लगवाया। बरहनी पीएचसी व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैयदराजा पर भी टीका लगवाने के लिए कोई नहीं पहुंचा। पूर्व में टीका लगवा चुके कम्हरिया गांव के राममूरत सिंह, कादिराबाद के ज्ञानचंद्र सिंह, जेवरियाबाद के परमात्मा सिंह आदि ने लोगों से टीका लगवाने की अपील की है। वहीं बरहनी पीएचसी प्रभारी डॉ. रितेश कुमार ने कहा कि शनिवार को आधा दर्जन जगहों पर टीम जाने के बाद भी मात्र 20 लोगों ने टीकाकरण कराया। यह टीका कोरोना के रोकथाम में काफी कारगर है। लोग भ्रांति व भय से बाहर आकर टीका लगवाएं और टीकाकरण योजना को सफल बनाने में मदद करें।