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एक्सप्रेस का बस नाम, पैसेंजर ट्रेन से भी बदतर काम

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पीडीडीयू नगर। रेलवे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने में जुटा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पटना रेल रूट पर ट्रेनें 130 किमी की रफ्तार से दौड़ भी रही है। दूसरी तरफ इसी रूट पर एक एक्सप्रेस ट्रेन ऐसी है जो 211 किमी की दूरी तय करने में चालीस स्टेशनों पर रुकती है। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पटना पहुंचने में यात्रियों को सात घंटे लगता है। दरअसल यह एक्सप्रेस है पीडीडीयू पटना मेमू स्पेशल ट्रेन। रेलवे ने इस ट्रेन को एक्सप्रेस में तब्दील कर दिया है लेकिन इसकी चाल को नहीं बदला गया है।
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कोरोना काल में 23 मार्च 2020 को ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया। बाद में ट्रेनों को स्पेशल के नाम से संचालन शुरू किया गया। यहां तक कि पैसेंजर ट्रेनों को भी स्पेशल के नाम से संचालन शुरू किया गया। यही नहीं मेमू ट्रेन को एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में तब्दील कर दिया गया। यह अलग बात है कि इसमें सीट को रिजर्व नहीं किया गया है। ऐसे में यात्रियों को पीडीडीयू पटना मेमू स्पेशल में यात्रा के लिए एक्सप्रेस ट्रेन का किराया देना पड़ता है। यह ट्रेन पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से दोपहर 2.35 बजे खुलती है और छोटे बडे़ सभी चालीस स्टेशनों पर रुकते हुए रात 9.30 बजे पटना पहुंचती है। इसी तरह पटना से सुबह 7.40 बजे खुलती है और सभी स्टेशनों पर रुकते हुए दोपहर में दो बजे पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचती है। इसको लेकर यात्रियों में चर्चा होती रहती है कि एक्सप्रेस ट्रेन सात घंटे में 211 किमी चल रही है। ट्रेन की धीमी चाल से सबसे अधिक परेशानी डेली पैसेंजर को होती है। इस ट्रेन से प्रतिदिन दिलदारनगर जाने वाले रंजीत कुमार ने बताया कि पीडीडीयू जंक्शन से दिलदारनगर 51 किमी है लेकिन यह दूरी तय करने में इसे दो घंटे का समय लगता है। इसी तरह धीना निवासी रमेश कुमार ने बताया कि मजदूरों के लिए यह एक मात्र ट्रेन है लेकिन इससे आवागमन करने में अत्यधिक समय लगता है। वहीं शास्त्री कॉलोनी निवासी भंटू कुमार ने बताया कि रेलवे एक तरफ ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की बात करती है दूसरी तरफ मेमू की रफ्तार को धीमी कर दिया गया है। वहीं सकलडीहा की यात्रा कर रहे नंदलाल ने बताया कि यदि मेमू की रफ्तार बढ़ा दी जाए तो एक्सप्रेस ट्रेनों पर दबाव कम हो जाएगा।
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