नगर में बिना लाइसेंस के चल रही मीट, मुर्गा की दुकानों के खिलाफ मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई की। 16 अवैध दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। वहीं दुकानों के बाहर पड़ी जाली और औजारों को जब्त कर पालिका के सुपुर्द कर दिया।
अधिकारियोंं ने चेताया कि यदि बिना लाइसेंस के दुकानें खुलीं तो दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। जिले में अवैध रूप से चल रही मीट-मुर्गे के दुकानों के बाबत अमर उजाला ने 5 दिसंबर के अंक में बिना लाइसेंस मीट की 150 से ज्यादा दुकानें चल रहीं शीर्षक खबर प्रकाशित की थी।
जिले में काफी संख्या में बकरे के मीट और मुर्गे की दुकानें बिना लाइसेंस के चल रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 193 लोगों के पास मुर्गे का मांस बेचने का लाइसेंस है। इसके अलावा किसी के पास भी बकरे का मांस बेचने का लाइसेंस नहीं है।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त कुलदीप सिंह, एसडीएम अनुपम मिश्रा, सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा और नगर पालिका के प्रभारी ईओ राजीव मोहन सक्सेना के साथ कसाब महाल पहुंचे।
टीम ने जीटीआर ब्रिज के किनारे चल रही मुर्गे की दुकानों को बंद करवाया। वहां हुए अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से ध्वस्त करवा दिया। इस मौके पर 16 दुकानों को बंद करवाया।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कुलदीप सिंह ने बताया कि बिना लाइसेंस के चल रही दुकानों को बंद करवा दिया गया है। यदि बिना लाइसेंस के दुकानेंं खुली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वर्षेां से बंद पड़ा है स्लाटर हाउस
नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत कसाब महाल में नगर पालिका की ओर से एक स्लाटर हाउस का संचालन किया जाता था। जहां से नगर पालिका को राजस्व की प्राप्ति भी होती थी। बाद में उसे बंद कर दिया गया। ऐसे में जिले में अब एक भी स्लाटर हाउस नहीं है। संवाद
मांस, मछली एवं मुर्गे की दुकानों के लाइसेंस के लिए ये हैं नियम
मांस, मछली एवं मुर्गे की दुकानों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत बताए गए मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
- दुकान मंदिर/पूजा स्थल से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए।
- विद्यालयों से भी लगभग 50 मीटर की दूरी होनी चाहिए।
- दुकानों में गहरे रंग के पर्दे या गहरे रंग के शीशे होने चाहिए।
- मांस कारोबारी के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होने चाहिए।
- शहरी क्षेत्र में नगर पालिका, नगर पंचायत द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र उपलब्ध होना आवश्यक है।
- नजदीकी पुलिस थाने द्वारा भी एनओवी होना अनिवार्य।
- कोई भी कारोबारी अपनी दुकान पर मांस का कटान नहीं करेगा।
- स्लाटर हाउस न होने की दशा में अन्य नजदीकी जनपद से मांस का कटान कराते हुये डीप फ्रीजर में मांस का परिवहन कर अपनी दुकान पर लाया जाना चाहिए।
- समस्त धारदार हथियार स्टील के होने चाहिए।
- कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
- स्लाटर हाउस से लाये जाने वाले मांस का पूरा हिसाब किताब होना चाहिए