चंदौली। जिला गोबर धन समिति की बैठक बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें पशु आश्रय स्थलों पर बायोगैस संयंत्र लगाने का निर्णय लिया गया। साथ ही कामर्शियल प्लांट लगाने वालों को अनुदान देने पर विचार किया गया। सीडीओ ने इस प्लांट को लाभकारी बनाने और इससे निकलने वाले गोबर को जैविक खाद के रूप में प्रयोग करने पर जोर दिया।
डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे ने बताया कि केंद्र सरकार ने गोबर धन योजना के तहत प्रदेश के कुल 36 जनपदों का चयन किया गया है। इसमें चंदौली भी शामिल है। योजना को ओडीएफ प्लस अभियान के स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप संचालित किया जाएगा। बताया कि जिले में एक मॉडल सामुदायिक बायोगैस प्लांट स्थापित किया जाना है। योजना का उद्देश्य कचरे को कम करना और समग्र स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा में सुधार, गांव की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। बताया कि संयंत्र से बायोगैस और बिजली का भी उत्पादन होगा। योजना की मॉनिटरिंग के लिए गोबर धन सेल का गठन किया गया है। जो इसके कार्यों की देखरेख करेगी । बैठक में ब्लाक प्रमुख अजय सिंह, ब्लाक प्रमुख संजय सिंह, जिपं सदस्य आशीष सिंह, पीडी सुशील कुमार, स्वच्छता समन्वयक मनोज श्रीवास्तव मौजूद रहे।
बायोगैस संयंत्र स्थापित के लिए नौ ब्लॉक में नौ पशु आश्रय स्थलों का चयन किया गया। जिसमें बरहनी ब्लॉक में बहोरा चंदेल, चहनियां के सर्वानंदपुर, चकिया के फिरोजपुर, सदर के एलही, धानापुर के नेकनामपुर, नौगढ़ के जरहर, नियमताबाद के कठौडी, शहाबगंज ब्लॉक के बयांपुर और सकलडीहा ब्लाक में पटपरा शामिल है।
कलेक्ट्रेट मेें हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजितेंद्र नारायण ने कहा कि बायोगैस संयंत्र की महत्वपूर्ण योजना को संचालित करने से लोगों को गांव में बिजली, खाद और बायोगैस सस्ते दाम में उपलब्ध होगी। जल्द ही इसपर कार्य शुरू हो जाएगा।