स्वर्ण आभूषणों पर उत्पाद शुल्क के विरोध में सराफा व्यवसायियों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। नगर के व्यवसायियों ने दूकानें दसवें दिन भी बंद रखी और सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक परमार कटरा के समीप धरना दिया। इस मौके पर हुई गोष्ठी में केंद्र सरकार के नीतियों को कोसा गया। सकलडीहा में सराफा व्यवसायियों ने बाइक जुलूस निकाला वहीं चहनियां में दूकान बंद रख व्यवसायियों ने विरोध जताया।
मुगलसराय में स्वर्ण व्यवसायी सुबह दस बजे से परमार कटरा के समीप धरना स्थल पर एकत्र हुए और सभा में केंद्र सरकार के मनमाने रवैये पर रोष व्यक्त किया। इस दौरान दिल्ली गया प्रतिनिधि मंडल लौट आया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार हमारी परीक्षा ले रही है। इसमें हम सफल होंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हवा हवाई घोषणाओं से लोगों को खुश करना चाहती है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं कर रही है। इसका उदाहरण स्वर्ण आभूषणों पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाने से पता चलता है। इस टैक्स के लगने से यह व्यवसाय पूरी तरह समाप्त प्राय होने लगा है। इस मौके पर सदन सेठ, परमानंद सेठ, प्रदीप सिन्हा, रूपेश, रविन्द्र, ओमप्रकाश, मनोज सेठ, गोपाल सेठ, रिंकू सिंह, जवाहिर सेठ, उमेश, राजेन्द्र सेठ, रविन्द्र सेठ, भोला सेठ, राजू, सुनील आदि उपस्थित रहे।
सकलडीहा संवाददाता के अनुसार स्थानीय कस्बा के सराफा व्यवसायियों ने शुक्रवार को अपनी दूुकानें बंद रखकर कस्बा में मोटर साइकिल जुलूस निकालकर केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व वित्त मंत्री के खिलाफ भड़ास निकाली।
सराफा समिति के अध्यक्ष संजय सेठ ने आरोप लगाया कि बार -बार उत्पाद पर शुल्क लेना गलत है। वहीं समिति के महामंत्री आनंद सेठ ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक हमारी मांगों को गंभीरता से नही लेती है,तब तक अपनी दूकानें बंद रखेंगे। अंत में कारोबारियों ने मोटर साइिकल जुलूस निकाला। इस मौके पर नंदन सोनी, मुकुंद सोनी, पप्पू सेठ, राजन सेठ, बल्ला सेठ, जितेन्द्र सेठ, संजय जायसवाल, दीपक सेठ, सूरज सेठ, विक्की वर्मा आदि व्यवसायी रहे।