चंदौली के कई भूभाग में मत्स्य पालन करने वाले किसानों की अच्छी खासी तादात है। वहीं नौगढ़ इलाके के बाधों में भी मत्स्य पालन होता है। ऐसे में अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी के संचालन के बाद कारेबार को बल मिलेगा। वहीं मछली कारोबार को विदेशों में पहचान दिलाने के लिए निर्यात जैसी व्यवस्था को सुचारु बनाने की योजना है।
प्रभारी सहायक मत्स्य निदेशक (चंदौली) विकाश कुमार ने कहा कि माधोपुर नवीन मंडी समिति परिसर में अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी बनाने के लिए भूमि चिह्नित हो चुकी है। मंडी बनने के बाद मत्स्य पालन से जुड़े किसानों और कारोबारियों को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलेगी। कार्ययोजना बनाकर भेज दिया गया है। बजट आवंटन होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। ,
डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय
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विश्व में धान के कटोरा के रूप में विख्यात चंदौली अब मछली पालन के लिए पहचाना जाएगा। क्योंकि केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय की पहल पर जिले में एक अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। मंडी में होलसेल, रिटेल और मछली पालन से संबंधित सभी उपकरण, सीड्स, दवाएं और चारा एक छत के नीचे उपलब्ध होगा। मंडी बनने के बाद पूर्वांचल के मत्स्य पालन करने वालों किसानों को फायदा मिलेगा। साथ ही उनकी आय में भी बढ़ोत्तरी होगी।