बच्चों को स्कूल ले जाने वाली जीप
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कटसिला के पास हुए हादसे के मामले में जिलाधिकारी ईशा दुहन के निर्देश पर सदर कोतवाली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज किया है। डीएम के मामला संज्ञान में आने के बाद कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद हरकत में आयी कोतवाली पुलिस ने वाहन स्वामी के खिलाफ मुकदमा किया। इसके अलावा सेंट जान्स स्कूल के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
सेंट जॉन्स स्कूल की जीप पलटने के बाद जनपद में हड़कंप मच गया। आनन फानन लोगों ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना में चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। जीप में कुल 30 बच्चे थे। कुछ को मामूली खरोंच व चोटें आई हैं। जानकारी जैसे ही जिलाधिकारी ईशा दुहन को मिली उन्होंने सीएमओ युगल किशोर राय और सीएमएस डॉ. उर्मिला सिंह और सर्जन डॉ. अनिल सुमन बच्चों के इलाज कार्य में जुट जाने को कहा।
डीएम ने सीएमओ को भेजकर बच्चों के परिजनों से मोबाइल पर बात की और कहा कि किसी भी प्रकार की कोई भी दिक्कत हो मुझे अवगत कराएं। डीएम ने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि बच्चों के उपचार में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
कटसिला गांव के स्कूली वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राष्ट्रीय करणी के सदस्य छोटू सिंह मौके पर डटे रहे। वह स्कूली बच्चों के राहत एवं बचाव कार्य में पूरी शिद्दत से जुटे रहे। साथ ही बच्चों की सेहत के बारे में पूछा और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने में भी आगे नजर आए। थोड़ी ही देर में करणी सेना के अन्य सदस्य भी मौके पर जुट गए।
इस बाबत प्रदेश उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह का कहना था कि बच्चों ने बताया कि ब्रेक व स्टेयरिंग फेल होने के कारण दुर्घटना हुई है। प्रशासन ने सुधि नहीं ली। साथ ही बिना नंबर प्लेट की जर्जर गाड़ी से बच्चों को ढोया जा रहा है।
जिला प्रशासन से मांग किया कि जनपद के सभी स्कूलों की जांच की जाए। बच्चों के परिवहन में लगे जर्जर और कबाड़ वाहनों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ व लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कटसिला स्थित बहुप्रष्ठित सेंट जान्स स्कूल के बच्चों से भरी जीप बुधवार को स्कूल से चंद कदम पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह घटना बड़ी थी लिहाजा बच्चों के परिजनों की जान हलक तक आ गयी और वे भागते जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन जीप में सवार बच्चों की सुरक्षा व सेहत जानने के प्रति उनका स्कूल उदासीनता दिखा।
यहां तक की स्कूल का कोई भी स्टाफ घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। न ही अस्पताल में स्कूल के लोग नजर आए। विद्यालय गेट अंदर से बंद रखा गया और बच्चों के प्रति अपनी जवाबदेही से स्कूल प्रशासन ने पूरे दिन मुंह मोड़े रखा। वहीं एआरटीओ एसपी देव ने स्कूल पहुंचकर वहां के जिम्मेदार लोगों से बातचीत की। उनके गैरजिम्मेदाराना कृत्य पर फटकार भी लगाई।