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बैंक कर्मी ग्राहक से बना रहे हैं एक मीटर की दूरी

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पीडीडीयू नगर। कोरोना के बचाव के लिए हर स्तर पर जतन किए जा रहे हैं। डीआरएम कार्यालय से लेकर बैंकों में बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। नगर स्थित बैंकों में अधिकारियों ने ग्राहकों से उचित दूरी बनाने के लिए काउंटर के एक मीटर आगे रस्सी लगा दी है। वहीं डीआरएम कार्यालय में बाहर से आने वाले कर्मचारियों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों को ही परिचय पत्र देखने के बाद प्रवेश मिल रहा है।
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कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रत्येक संस्थान की ओर से सावधानी बरती जा रही है। इसमें बैंकों ने भी अब बचाव के आवश्यक उपायों को अपना लिया है। बैंकों में ग्राहक और कर्मचारी के बीच दूरी बनाने के लिए काउंटर के एक मीटर आगे रस्सी लगा दी है। साथ ही कर्मचारियों को मास्क पहनकर कार्य पर आने के निर्देश दिए गए है। ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स पीडीडीयू नगर के उपप्रबंधक रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी से स्वयं के साथ ग्राहकों को बचाने के लिए सेनेटाईजर बैंक में रखा गया है। वहीं कर्मचारियों को दस्ताने उपलब्ध कराए गए हैं ताकि नोटो के जरिए वायरस का संक्रमण न हो सके। साथ ही काउंटर के आगे एक मीटर की दूरी पर रस्सी लगा दी गई है। दूसरी तरफ वायरस से बचाव के लिए डीआरएम कार्यालय में भी सख्ती बरती जा रही है। बृहस्पतिवार को डीआरएम ने कार्यालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके तहत कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों को परिचय पत्र देखकर ही कार्यालय में प्रवेश की इजाजत दी जा रही है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी पृथ्वीराज ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से कदम उठाया गया है। कर्मचारियों को समस्या न हो इसके लिए व्यवस्था की गई है।
. डीआरएम के फरमान से लोगों को हो रही है परेशानी
पीडीडीयू नगर। कोरोना के भय से पीडीडीयू मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बाहर से आए कर्मचारियों समेत ठेकेदारों, रिटायर्ड रेलकर्मियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में अपनी समस्याओं को लेकर डीआरएम ऑफिस पहुंचने वालों में नाराजगी है।
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पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में 13 हजार से अधिक कर्मी काम करते हैं। वहीं लगभग 13 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से पूरा मंडल संचालित होता है। पैसेंजर ट्रेन, गुड्स ट्रेन, सिक्युरिटी कंट्रोल, कार्मिक, इंजीनियरिंग, वाणिज्य सहित सभी विभागों के अधिकारी यहां बैठते हैं। डीआरएम ऑफिस में एक हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी काम करते हैं। बड़ी संख्या में प्रतिदिन ठेकेदार, सेवानिवृत्त कर्मचारी किसी न किसी समस्या को लेकर यहां आते हैं। डीआरएम की आदेश के बाद से कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मचांरियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। इससे बाहरी कर्मचारी, गैर कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। इसके लिए बकायदे दो कर्मचारियों को डीआरएम ऑफिस के कर्मियों के परिचय पत्र की जांच के लिए तैनात किया गया है।
इलिया। कोरोना की रोकथाम के लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं लेकिन कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई भी इंतजाम नहीं है। यहां पर चिकित्सकों के पास न तो मास्क है और न ही सैनेटाइजर उपलब्ध है। मरीजों की जांच बिना मास्क लगाए ही की जा रही है। यह हाल तब है जब स्वास्थ्य केंद्र वायरस के दृष्टिकोण से सबसे अधिक संवेदनशील है। मेडिकल आफिसर गंगाराम, फार्मासिस्ट रावेंद्र सिंह और वार्ड बॉय रविंद्र कुमार ने बताया कि हम लोग दवा लेने के लिए जिला चिकित्सालय जाते हैं लेकिन वहां से ना तो मास्क मिलता है ना ही सैनेटाइजर, जिसे कि हम लोग यहां ला सकें। संवाद
पीडीडीयू नगर। परिवर्तन सेवा समिति की ओर से बृहस्पतिवार को रिक्शा चालकों, ठेले वालों एवं मजदूरों बीच मास्क का वितरण किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष चंद्रेश्वर जायसवाल ने कहा कि कोरोना वायरस से पूरे विश्व के लिए खतरा बना हुआ है और इसका बचाव ही इसका इलाज है। वरिष्ठ सदस्य रोहितास पाल ने बताया कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है, जिसको भी अगर शक होता है तो तत्काल जिला प्रशासन द्वारा दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है और हॉस्पिटल जाकर अपना टेस्ट भी करवा सकता है। इस दौरान संगठन के सचिव प्रभाकर सिंह, संयुक्त सचिव शैलेंद्र गुप्ता, नगर सचिव एस फ़ाजिल मौजूद रहे। संवाद
धानापुर। कस्बा स्थित श्रीहनुमान मंदिर के प्रांगण में आयोजित सामूहिक रूद्राभिषेक में बृहस्पतिवार को 51 दंपति श्रद्धालुओं ने रूद्राभिषेक कर कोरोना जैसी महामारी से देश को छुटकारा दिलाने की मन्नत मांगी।
जगदगुरू शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती (पुरी पीठ) की ओर से स्थापित आदित्य वाहिनी की देखरेख में रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शामिल दंपतियों ने भगवान रुद्र का पुष्प, चंदन, रोली, कुमकुम, बेलपत्र, धूप, दीप, मिष्ठान, फल-फूल तथा गंगाजल से जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया। रुद्राभिषेक वाराणसी से आए विद्वानों के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। काशी मठ के महंत डा.राजेश चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि कालों के काल महाकाल को याद करने मात्र से बड़ी से बड़ी दैविक, भौतिक आपदा का विनाश हो जाता है। इस मौके पर राजेश्वर सिंह, प्रमोद पहलवान, प्रभुजी रस्तोगी, बांके उपाध्याय, सत्यानंद रस्तोगी, राधेश्याम प्रजापति, आलोक केसरवानी, रामशरन यादव, ओमप्रकाश मौर्य, सुशील रस्तोगी, प्रहलाद सेठ, संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।
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