पीडीडीयू नगर। किसानों से धान की खरीददारी का विभागीय दावा तो खूब किया जा रहा है लेकिन किसान धान की उपज को बेचने के लिए परेशान है। प्रशासनिक सख्ती के बाद भी कई ऐसे क्रय केंद्र हैं जहां पर खरीद नहीं हो रही है।
कंदवा संवाददाता के अनुसार, बरहनी ब्लाक के डेढ़गांवा गांव में खुले यूपी एग्रो केंद्र पर 12 दिनों से धान की खरीद नहीं हो रही है। इससे किसान परेशान हैं। धान की खरीदारी ठप होने से ठंडी के इस मौसम में भी किसानों के माथे से पसीना बह रहा है। व्यापारियों ने भी धान लेने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे किसानों का धान खलिहान में पड़ा है और कोई खरीदार नहीं है। स्थिति यह है कि व्यापारी औने-पौने दाम पर भी धान खरीदने को तैयार नहीं है। जानकारी के अनुसार इस क्रय केंद्र पर 29 दिसंबर तक कुल 38 किसानों का कुल 3500 क्विंटल धान खरीदा गया है जबकि धान बेचने के लिए कुल 200 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
इलिया संवाददाता के अनुसार, किसान अपना धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर ले जा रहे हैं तो कहीं बोरा ना होने तो कहीं धान की खरीद कमीशन पर होने की बात सामने आ रही है। शहाबगंज भाजपा के पूर्व महामंत्री व किसान सूर्य नारायण चौबे ने बताया कि वे और अन्य किसान अपना धान बेचने के लिए यहां-वहां घूम रहे हैं लेकिन कोई खरीदने को तैयार नहीं हो रहा है। क्रय केंद्र पर खरीद ठप है और मिलरों के संचालक धान का भुगतान दो माह बाद करने की बात कर रहे हैं। रामअवतार चौबे, संतोष चौहान, रामसूरत चौहान कहते हैं कि सरकार किसानों के हित की बात कर रही है। मगर स्थानीय अधिकारी और क्रय केंद्र प्रभारी रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
नियामताबाद संवाददाता के अनुसार, राजकीय धान क्रय केंद्र धपरी के नाम से कठौड़ी में खोले गए केंद्र पर चार दिनों मेें एक हजार 31 क्विंटल 60 किलो धान की खरीद हुई है। रविवार को खरीद बंद थी। इस दिन खरीदा गया धान मिल पर भेजा जा रहा था। केंद्र प्रभारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि केंद्र पर चार दिन से खरीद कर रखे धान को उपजिलाधिकारी के निर्देश पर मिल में भेजा जा रहा है। सोमवार को किसान पखंडू को धान खरीद के लिए बुलाया गया है। उसके बाद अन्य किसानों को बुलाया जाएगा।
-कुछ लोग सांठ-गांठ कर पहले अपने करीबी लोगों की धान खरीद करवा लिए हैं। डेढ़गांवा क्रय केंद्र पर 12 दिनों से बोरा नहीं होने का कारण बताकर धान नहीं लिया जा रहा है। ओमप्रकाश सिंह, किसान।
-धान खेत व खलिहान में पड़ा है। क्रय केंद्र खुलने से पहले धान का सौदा व्यापारी से कर लिया गया था लेकिन व्यापारी ने यह कहकर धान नहीं लिया कि गांव में क्रय केंद्र खुल गया है, वही धान बेच दीजिए। भूपनारायन सिंह, किसान
एक माह से धान खलिहान में पड़ा है। क्रय केंद्र पर बेचने के लिए कुछ धान निजी बोरे में भरकर पहुंचा दिया है। 10 दिनों से लगभग 300 क्विंटल धान क्रय केंद्र पर खुले आसमान के नीचे पड़ा है। यदि बारिश हुई तो सारा धान बर्बाद हो जायेगा। सुरेंद्र नारायण सिंह, किसान
धान क्रय केंद्र खुलने से व्यापारी धान लेने से भी इंकार कर रहे हैं। सरकारी रेट पर धान बेचना मुश्किल साबित हो है। धान बिक पाएगा या नहीं यह कहना मुश्किल हो गया है। संजीव कुमार सिंह, किसान।