नियामताबाद के बौरी नहर में तलहटी में पानी। संवाद
नियामताबाद। नारायनपुर पंप कैनाल के जोगवा से सिंघीताली और अलीनगर तक स्थित सभी माइनरों के गेटों पर सिंचाई विभाग ने ताला लगा दिया है। यही नहीं ताला तोड़ा न जा सके इसके लिए वेल्डिंग भी कर दी गई। यह कवायद रोस्टर के पहले किसान पानी न ले सकें, इसके लिए की गई है। जिले में पहली बार ऐसा किया गया है। वहीं माइनरों में पानी न पहुंचने के कारण नियामताबाद और मिर्जापुर के जमालपुर ब्लॉक के 100 से ज्यादा गांवों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
नारायनपुर पंप कैनाल से जिले के अधिकांश खेतों की सिंचाई होती है। इस कैनाल से अलग-अलग माइनर निकली हुई है। इससे रोस्टर के हिसाब से किसानों को सिंचाई के लिए पानी दी जाती है। वर्तमान में नरवन क्षेत्र के किसानों को पानी दी जा रही है। इसके लिए तीन दिन पहले नारायनपुर पंप कैनाल के जोगवा से सिंघीताली और अलीनगर तक सभी माइनरों के गेट बंद करने के साथ ही इस पर ताला लगा दिया गया और वेल्डिंग कर इसे जाम कर दिया गया है। इससे किसानों में नाराजगी है।
इस मामले को लेकर पूर्व सांसद रामकिशुन ने सिंचाई विभाग की कार्रवाई को किसान विरोधी बताते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जोगवा से अलीनगर तक सभी माइनरों के गेटों को वेल्डिंग कर बंद करना किसानों के हितों के विपरीत है। उन्होंने सवाल उठाया कि नरवन क्षेत्र के किसानों के लिए अदसड़ पंप कैनाल और चारी पंप कैनाल को चालू क्यों नहीं किया जा रहा है।
उनका कहना है कि यदि नहर की सुरक्षा को लेकर कोई समस्या थी तो विभाग पुलिस गश्त या अन्य सुरक्षा व्यवस्था कर सकता था, लेकिन गेटों पर स्थायी रूप से ताला लगाना उचित नहीं है। वहीं भारतीय किसान संघ ने भी सिंचाई विभाग के इस कारनामे पर नाराजगी जताई है।
कोट-
23 से 31 जुलाई तक रोस्टर के अनुसार पानी दिया जाना था, लेकिन क्षेत्र के किसान अपनी सुविधानुसार माइनर खोल कर दे रहे थे। लिहाजा सभी गेट बंद कर दिए गए हैं। एक अगस्त से सभी माइनरों में पानी छोड़ दिया जाएगा। - तृप्ती सोनी, उपखंड अधिकारी सिंचाई विभाग