चंदौली। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने मंगलवार को महंगाई भत्ता कटौती के साथ अन्य भत्तों को समाप्त किए जाने के पर नाराजगी जताई। इस पर जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने सरकार के प्रति विरोध जताया। साथ ही इन भत्तों को फौरन बहाल किए जाने की मांग की। इसके बाद कर्मचारियों कालिंग अटेंशन अभियान के तहत काली पट्टी बांधकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। अंत में सीएमएस डा. भूपेंद्र द्विवेदी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान जिला मंत्री डा.रमाकांत यादव ने कहा कि देश में सभी वस्तुओं की मूल्यवृद्धि तेजी से हो रही है। ऐसे में महंगाई भत्ता पर रोक लगाना अन्यायपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मापदंडों के विरुद्ध है। सरकार का यह निर्णय सामंती युग की याद दिला रहा है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कहा कि सभी प्रकार के भत्तों को बहाल करते हुए सार्वजनिक सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार पहल करे। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लिए गए कर्मचारी विरोधी निर्णय से प्रेरणा लेकर देश की कई राज्य सरकारों ने कोविड-19 की चुनौती से निबटने के लिए सार्वजनिक सेवारत कर्मचारियों के वेतन व भत्तों के महत्वपूर्ण हिस्से को जान-बूझकर लुटने का काम किया है, जो बर्दाश्त योग्य नहीं है। इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य की सरकार अग्रणी भूमिका में है। यूपी सरकार ने नगर प्रतिकर भत्ते समेत अन्य पांच भत्तों पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों का मनोबल बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जो ठीक नहीं है। इस दौरान डा. अवधेश कुमार पांडेय, डा. के एन राय, डा. दुर्गेश सिंह, माजरी, राजमनी, विमला देवी, विक्की रहे।