पीडीडीयू रेलवे स्टेशन पर वृद्ध कीमौत के बाद जांच करती जीआरपी। संवाद
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन पर सवार होते समय पैर फिसलने से एक बुजुर्ग ट्रेन के नीचे गिर गए। ट्रेन की चपेट में आने से वृद्ध की मौत हो गई। वृद्ध की पहचान वाराणसी के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी के पिता ब्रजनंदन चतुर्वेदी (76) के रूप में हुई। ब्रजनंदन वाराणसी से औरंगाबाद बिहार जाने के लिए निकले थे।
जीआरपी पीडीडीयू निरीक्षक ने सुनील कुमार सिंह बताया कि मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले के जोकहरी गांव निवासी ब्रजनंदन वाराणसी में बीएचयू में कार्यरत थे। वे वाराणसी के नगवा लंका में आवास बनवाकर रहते थे। उनके बेटे सुभाष नंदन चतुर्वेदी वाराणसी में अधिवक्ता हैं। सुभाष ज्ञानवापी के मामले को भी देख रहे हैं। ब्रजनंदन बुधवार को औरंगाबाद के जोकहरी गांव में रिश्तेदार की तेरही में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। ब्रजनंदन सुबह सवा 10 बजे पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचे तब तक डाउन आनंद विहार - पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस दो नंबर प्लेटफाॅर्म से चल चुकी थी। चलती ट्रेन में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन के नीचे आ गए। यात्रियों ने शोर मचाया। इसके बाद ट्रेन मैनेजर ने ट्रेन रोकी। इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी ने बुजुर्ग को बाहर निकाला लेकिन तब तक ब्रजनंदन की मौत हो गई थी। पिता की मौत की सूचना पर बेटे सुभाष नंदन चतुर्वेदी, ध्रुव पांडेय, अखिलेश कुमार ओझा, जैन खान पहुंच गए। पत्नी अलकनंदा का रो रोकर बेहाल है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।