फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांगों के अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार

विज्ञापन
मांगों के समर्थन में चकिया में लाल पट्टी बांधकर विरोध जताते अधिवक्ता। - फोटो : CHANDAULI
विज्ञापन
चंदौली। बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सोमवार को सदर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर किया प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के प्रति नाराजगी जताई और न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। चेताया कि सरकार अधिवक्ताओं के मांगों पर विचार नहीं किया तो अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होगे। इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
विज्ञापन

इस दौरान मुख्यालय निर्माण संघर्ष समिति के प्रभारी संतोष कुमार पाठक ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति को 50 करोड़ रुपये प्रति वर्ष देती रही हैं, लेकिन वर्तमान सरकार ने उपरोक्त निधि नहीं दे रही है। यह अधिवक्ताओं के लिए चिंता का विषय है। सीओपी नंबर व अधिवक्ता परिचय पत्र ही पूरे प्रदेश के न्यायालयों में प्रैक्टिस करने के लिए मान्य है, लेकिन वर्तमान सरकार ऐसे प्रावधान लागू न करने पर अमादा है। इससे अधिवक्ता एक जिले से दूसरे जिले में प्रैक्टिस नहीं कर सकता हैं। सिविल बार एसोसिएशन पूर्व महामंत्री वीरेंद्र प्रताप सिंह दाढ़ी ने कहा कि अधिवक्ता समाज के हितों की घोर अनदेखी सरकार द्वारा की जा रही है। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने कोई ठोस उपाय नहीं किया है, इसकी वजह से अधिवक्ता समाज स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है। इस दौरान अनंत कुमार सिंहा, सत्यदेव तिवारी, इस्लाम, संतोष गुप्ता , महमूद आलम रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें