औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने मुगलसराय पुलिस को साथ लेकर रविनगर स्थित आरोपी के आवास पर दबिश दी। वहां से 9.81 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक जैन व उसके सहयोगी कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
डब्बा ट्रेडिंग का मामला आ रहा सामने
ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिये धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार अभिषेक जैन के तार डब्बा ट्रेडिंग से जुड़ रहे है। सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन कई ऐसे एप हैं जिनसे सभी सरकारी संस्थाओं को दरकिनार कर सीधे ट्रेडिंग का कार्य होता है। इसे डब्बा ट्रेडिंग कहते है।
सामान्य तौर पर एक पंजीकृत ब्रोकरेज हाउस के यहां ट्रेडिंग खाता खोलकर बाजार में ही ट्रेडिंग होती है। यह ब्रोकरेज हाउस निवेशकों और एनएसई व बीएसई एक्सचेंजों के बीच एक एजेंट का काम करता है। जबकि एक डब्बा आपरेटर खुद ही पूरा काम करता है। डब्बा ट्रेडिंग में सरकार के पास किसी भी व्यक्ति का कोई भी डेटा नहीं होता है।
ऐसे में काली कमाई करने वाले बड़े व्यापारी ही डब्बा ट्रेडिंग के माध्यम से कार्य करते है। इसमें बुकी अपने नेटवर्क से जुड़े लोगों की रकम को शेयर मार्केट की तर्ज पर ट्रेडिंग कराता है। इसमें भी लोगों को घाटा और मुनाफा होता है। लोगों को घाटा होने पर रकम बुकी के पास आ जाती है, वहीं मुनाफा होने पर उसका भुगतान बुकी को करना होता है। जब बुकी को लोगों को अधिक भुगतान करना पड़ता है तो वह इस कार्य को बंद कर देता है। ऑनलाइन चलने वाले इस अवैध कारोबार में बुकी को ट्रेस कर पाना काफी मुश्किल होता है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार अभिषेक जैन के पास से बरामद 9.81 रुपयों को लेकर पुलिस की टीम जांच करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार डब्बा ट्रेडिंग के दौरान रुपयों के लेनदेन का हवाला नेटवर्क में इस्तेमाल होता है। जांच में पता चला है कि ट्रेडिंग के दौरान यह रकम हवाला नेटवर्क से वाराणसी के एक व्यक्ति के जरिये अभिषेक तक पहुंचती थी। उसके घर से मिली रकम के बारे में पुलिस जांच कर रही है।
अभिषेक के अधिवक्ता ओपी शुक्ला ने बताया कि उनके क्लाइंट नेटवर्किंग के जरिये शेयर ट्रेडिंग का कार्य करते हैं। किसी व्यक्ति को शेयर ट्रेडिंग में नुकसान हुआ, जिसमें अभिषेक के नाम से एफआईआर दर्ज कराई गई है। अभिषेक ने रकम वापस किए जाने की बात पुलिस को बताई है। जबकि घर से बरामद नकदी ऑनलाइन ट्रेडिंग करने वाले कई लोगों को होने वाले मुनाफे की रकम थी, जिसे उन्हें एकाउंट के माध्यम से वापस करना था।